सावन की तीसरी सोमवारी पर बाबा गरीबनाथ का फल से महाश्रृंगार किया गया। इनके महाआरती भी की गई। इस दौरान मंदिर के सिर्फ पुजारी ही मौजूद रहे। बाबा को फलों की माला पहनाई गयी। इसमे सेब, नारंगी, अनानस, अंगूर समेत अन्य फल थे। बाबा के इस महाश्रृंगार और महाआरती का भक्तों ने एप के माध्यम से दर्शन किया।
क्या बोले पुजारी
मंदिर के पुजारी अभिषेक पाठक ने बताया कि यह प्रथा तब से चली आ रही है, जब से बाबा की शक्तियां जागृत होने लगी थी। यह करीब 45-50 साल से किया जा रहा है। पसावन माह में प्रत्येक सोमवारी को अलग-अलग वस्तुओं से बाबा का महाश्रृंगार किया जाता है।


पहली सोमवारी को फूल से, दूसरी को चावल से, तीसरी को फल और चौथी सोमवारी को सब्जियों से किया जाएगा। कोरोना काल से पहले महाश्रृंगार देखने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ती थी। लेकिन, पिछले दो साल से सिर्फ मंदिर के पुजारी ही बाबा के गर्भगृह में मौजूद रहते हैं।
भक्तों के लिए बंद है मंदिर
कोरोना प्रोटोकॉल को लेकर मंदिर का द्वार और पट भक्तों के लिए बंद है। भक्त बैरिकेडिंग के पास से ही पूजा कर लौट रहे हैं। उन्हें अंदर जाने की मनाही है। इससे बाबा के भक्तों में काफी निराशा भी है।
तीसरी सोमवारी को भी वही स्थिति रही।पुलिस-प्रशासन पूरी तरह से मंदिर के आसपास चौकस रही। कई भक्त बाबा की पूजा करने पहुंचे। लेकिन, उन्हें रोक दिया गया था। प्रधान पुजारी पंडित विनय पाठक कहते हैं कि चौथी सोमवारी को भी यही हालात रहने की संभावना है। सरकार का जो भी आदेश-निर्देश होगा उसका पालन किया जाएगा।






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