मुजफ्फरपुर सदर अस्पताल में भर्ती और आने-जाने वाले मरीजों व उनके परिजनों के लिए अस्पताल परिसर में ‘दीदी की रसोई’ की शुरुआत कर दी गई। इसके अलावा अस्पताल में कार्यरत कर्मियों को भी कम दर पर भोजन उपलब्ध कराया गया जाएगा। पहले अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों को खाना खाने के लिए बाजार जाना पड़ता था, लेकिन दीदी की रसोई खुलने के बाद अब उन्हें बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सोमवार को जीविका की ओर से सदर अस्पताल में इसका उद्घाटन जिलाधिकारी ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि अब अस्पताल में आने वाले मरीजों एवं उनके परिजनों को भोजन के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके साथ ही अस्पताल में कार्यरत कर्मियों को भी अस्पताल के अंदर ही कम दाम पर भोजन उपलब्ध करवाया जाएगा। इसकी सफलता के बाद SKMCH में भी दीदी की रसोई को खोली जाएगी।


इधर, CS डॉ. विनय कुमार शर्मा ने कहा कि दीदी की रसोई खुलने से पहले मरीज एवं उनके परिजनों को चाय नाश्ता के लिए अस्पताल से बाहर जाना पड़ता था। लेकिन अब उन्हें अस्पताल परिसर में ही सारी सुविधाएं मिल जाएंगी। इसके लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जिला परियोजना प्रबंधक जीविका अनीशा द्वारा बताया गया कि दीदी की रसोई में शुद्धता की गारंटी होगी एवं दूसरे जगह से सस्ता खाना उपलब्ध होगा। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन कम से कम 50-60 मरीजों को दीदी की रसोई का लाभ मिलेगा। इसमें नाश्ता, दोपहर का खाना, स्नैक्स और रात का भोजन दिया जाएगा।





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