कालीबाड़ी रोड एवं उससे जुड़ीं गलियां पिछले एक माह से बारिश के पानी में डूबी हुईं हैं। लोगों का जीना मुहाल हो चुका है। परेशान लोगों ने इससे निजात दिलाने के लिए निगम अधिकारियों से गुहार लगाई। उनकी गुहार की अनदेखी की गई। इससे नाराज लोगों ने पानी निकालने को मिलकर पहल की। रविवार को भाड़े पर पंपिंग सेट लाकर जमा पानी को निकालने का काम कर रहे हैं। स्थानीय योगेश कुमार टिंकू ने कहा कि समस्या से निजात दिलाने के लिए मोहल्लावासियों के साथ नगर आयुक्त से मिलकर हालात से अवगत कराया, लेकिन संज्ञान नही लिया गया। बाध्य होकर अपनी व्यवस्था से पानी निकाल रहे हैं। जनता से टैक्स लेकर भी निगम समस्याओं का हल नहीं कर रहा है।


जलनिकासी नहीं होने के कारण शहर के एक दर्जन मोहल्लों की स्थिति नारकीय बनी हुई है। कुंज बिहार कालोनी, अमरूद बगान, रज्जू साह लेन, सर सीपीएन कालोनी, रामचंद्र पूर्वे गली, लीची बगान, विश्वविद्यालय प्रेस कालोनी समेत कई मोहल्ले एक माह से बारिश के पानी में डूबे हुए हैं। मानसून पूर्व हुई बारिश का पानी मोहल्ले में जमा हो गया था, वह अब तक बना हुआ है। जमा पानी सड़ गया है और सड़ांध पैदा कर रहा है। जलजमाव के कारण मोहल्लावासी घरों में कैद हैं। जमा पानी नहीं निकलने से लोग डरे हुए हैं कि कही महामारी ने फैल जाए। मोहल्लावासियों का कहना है कि जलनिकासी की सुविधा नहीं होने के कारण बरसात में उन्हें तीन से चार माह तक जलजमाव के बीच रहना पड़ता है। इस समस्या से न जनप्रतिधि निजात दिलाए पाए हैं और न ही निगम।
जलजमाव की समस्या के स्थायी निदान को लेकर कभी गंभीर प्रयास नहीं किए गए। सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें की गईं। कुंज बिहार के लोग हर साल इस समस्या से रूबरू हो रहे हैं। अधिवक्ता संजीव कुमार ने कहा कि अमरूद बगान 15 दिनों से बारिश के पानी में डूबा हुआ है। लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो रहा है, लेकिन नगर निगम को इसकी जरा भी परवाह नहीं। अमर कुमार ने कहा कि नगर निगम को टैक्स चाहिए और जनप्रतिनिधि को वोट। जनता को तो हर साल बारिश के पानी में डूबना ही है। सोनी कुमारी ने कहा कि नगर निगम एवं उसके नेता जलजमाव से मुक्ति दिलाने का सिर्फ वादा करते हैं, उसे पूरा नहीं करते हैं।




Leave a Reply