मुजफ्फरपुर वासियों के लिए एक खुशखबरी है। यहां पर खादी ग्रामोद्योग में पंचगव्य इकाई लगाने की कवायद शुरू कर दी गयी। गौशाला और खादी ग्रामोद्योग को संयुक्त रूप से जोड़कर इस इकाई की शुरुआत की जाएगी। इस दिशा में रविवार को मुम्बई से गिली मिट्टी फाउंडेशन संस्था के सदस्य निरीक्षण करने पहुंचे। उनका उद्देश्य है कि अधिक से अधिक गौ पालकों को इससे जोड़ा जाए।
गाय के गोबर से पंचगव्य बनाया जाता है, जिसमें पेंट, साबुन, शैम्पू और क्रीम समेत अन्य सामग्री होती है। इस इकाई के खुलने से मुजफ्फरपुर में रोजगार का भी सृजन होगा। सरकार और बिहार खादी ग्रामोद्योग संघ मिलकर संयुक्त रूप से इसकी शुरूआत करेगी।

मुंबई की संस्था गिली मिट्टी ने मुजफ्फरपुर की सर्वोदय ग्राम कैम्पस में आज निरीक्षण किया। संस्थापक शगुन ने बताया कि उनकी संस्था पहले से राष्ट्रीय स्तर पर पंचगव्य का उत्पादन करती है। अब बिहार में सरकार और बिहार खादी ग्रामोद्योग से जुड़कर बड़े पैमाने पर गौ पालन और पंचगव्य उत्पादन कर रोजगार सृजन करने की तैयारी में है। इसी दिशा में आज दौरा किया गया है।

वहीं बिहार खादी ग्रामोद्योग संघ के अध्यक्ष अभय कुमार चौधरी ने बताया कि रोजगार सृजन का यह अच्छा अवसर है। जो भी गौशाला हैं या गौ पालन करने वाले लोग हैं। उन्हें इस इकाई से जोड़ा जाएगा। उत्पादन जब शुरू होगा तो बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी बनेंगे।




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