BIHARBreaking NewsSTATE

मुजफ्फरपुर / लापरवाही : हे नगर सरकार! कितनाें की जान लेंगे ये गड्ढे-खुले नाले, ताे खुलेगी आपकी नींद?

मिठनपुरा से बेला जाने वाली सड़क पर शुक्रवार दोपहर बाद बच्ची के साथ जा रहा एक बाइक सवार पानी भरे गड्ढे में गिर कर चोटिल हाे गया। गनीमत थी कि घटना दिन में घटी और गिरा सवार बाइक के नीचे नहीं आया। उसे आते-जाते राहगीरों ने उठाया। बाल-बाल दाेनाें की जान बची। ऐसे ही हालात चैपमैन गर्ल्स स्कूल के आसपास चकबासू इलाके में है। फिर भी, नगर निगम प्रशासन इन गड्ढों और खुले नालाें काे लेकर गंभीर नहीं है। जलजमाव के ये हालात तब हैं, जब बारिश 60 घंटे से अधिक से रुकी हुई है। नगर में अब तक ऐसे हादसों में 8 लाेगाें की जान जा चुकी है।

दो दिन पहले ही नाले में गिर कर डूब गए थे दो कर्मी

बीते बुधवार की शाम बेला स्थित औद्योगिक क्षेत्र में एक कंपनी के दाे कर्मियों की सड़क किनारे खुले नाले में बाइक के साथ गिरने से डूब कर माैत हाे गई थी। दाेनाें कर्मचारी हर दिन की तरह अपनी कंपनी की अकाउंट शाखा से काम के बाद घर लाैट रहे थे। जलभराव के कारण सड़क और नाले का पता नहीं चल सका। घटना फेज-एक की पानी टंकी के पास घटी थी। एक कुढ़नी के बलिया देवगन के पुनीत कुमार थे।

दूसरे कर्मी की पहचान वैशाली जिले के कल्याणपुर माधाे निवासी गौरव कुमार के रूप में हुई। दाेनाें की माैत के बाद से बियाडा के उद्यमियों में आक्रोश अब भी है, क्‍योंकि वहां भी जलजमाव कायम है। मोतीझील ओवरब्रिज निर्माण के दाैरान खाेदे गए गड्ढे में गिरे दाे बाइक सवार के सीने व पेट से सरिया आर-पार हाे गई थी। माैके पर ही दाेनाें ने दम ताेड़ दिया था।

नगर थाने के पास खुले नाले में गिरने से एक ठेला चालक की माैत हाे गई थी। ब्राह्मण टाेली में घर से निकले 2 वर्ष का मासूम नाले में गिर गया था। दाे दिन बाद उसका शव निकला। मझाैलिया में दाे साल पहले एक महिला नाले में गिर कर मर गई। दाे माह पहले आरडीएस काॅलेज के पास भी एक बच्चा नाले में गिर कर मर गया।

इधर, मिठनपुरा इलाके में जलजमाव के बीच बदबू से लोगों का जीना मुहाल

पिछले 48 घंटे से बारिश नहीं होने के बाद भी शहर गंभीर जल जमाव की समस्या झेल रहा है। वार्ड-7 के गांधीनगर में नाले का लेवल बराबर होने से नगर निगम ने पानी निकालने से हाथ खड़े कर दिए हैं। मिठनपुरा व रामबाग इलाके में लंबे समय से जल जमाव के बीच बदबू से लोगों का जीना मुहाल है। शुक्रवार को भी निगम की टीम पानी निकालने के लिए मिठनपुरा व बेला समेत कई इलाकाें में नाला सफाई के लिए जूझती रही।

मिठनपुरा की ज्यादातर गलियों में अभी घुटने तक पानी लगा है। नंद कॉलोनी के मनोज कुमार, मिठनपुरा दास कॉलोनी के संजय राय समेत कई अन्य लोगों का कहना है कि जब हम लोग नरक में ही रहेंगे ताे निगम को टैक्स देने का कोई फायदा नहीं है। वहीं, वार्ड-7 की पार्षद सुषमा देवी का कहना है, उनके कैंपस अभी भी पानी लगा है। इसी तरह वार्ड के गांधीनगर में भी कई लोगों के घर में पानी जमा है। नाला व पानी का लेवल एक होने से पंप लगाकर भी पानी नहीं निकाला जा सकता है। आनंदपुरी समेत कई स्थानों पर अभी जलजमाव की समस्या है।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.