मुजफ्फरपुर के किसानों के लिए राहत की खबर है। अब उन्हें बिचौलिए से निजात मिलेगी। सब्जी का उचित मूल्य भी मिलेगा और बर्बाद होने का डर भी नहीं रहेगा। क्योंकि इसके लिए अब ऑनलाइन सब्जी का व्यवसाय शुरू करने की कवायद की जा रही है। सहकारिता विभाग ने इसकी योजना शुरू कर दी है। अब तक जिले के करीब दो हज़ार किसान इसके सदस्य बन चुके हैं। जिले के आठ प्रखंडो के किसान इससे जुड़े हैं। इसमे औराई में सबसे अधिक एक सौ से ऊपर किसान सदस्यों की संख्या है।

सहकारिता विभाग द्वारा जिले के सभी प्रखंडो में सब्जी कलेक्शन सेंटर भी बनाया जाएगा। किसान अपनी सब्जी प्रतिदिन उसी सेंटर पर पहुंचा देंगे। वहां से ही उनही इसकी उचित मूल्य का भुगतान कर दिया जाएगा। उन्हें अब मंडियों में जाने की ज़रूरत नही पड़ेगी। और न ही मंडी संचालको को किराया देना पड़ेगा। उन्हें किसी और को सब्जी बेचने की आवश्यकता नही होगी। वे डायरेक्ट सेंटर पर उचित भाव मे अपनी सब्जी बेच सकेंगे। अक्सर ऐसा देखने को मिलता है कि बारिश या अधिक धूप होने के कारण सब्जी के खरीददार नहीं मिलते है। अगर मिलते भी है तो औने-पौने दाम में उनसे सब्जियां खरीद लेते हैं। इससे किसानों को भारी नुकसान सहना पड़ता है। ऑनलाइन व्यवसाय शुरू होने से किसानों को इस समस्या से निजात मिल जाएगा।

रजिस्टर्ड किसानों से ही खरीदी जाएंगी सब्जियां
ऑनलाइन सब्जी का व्यवसाय वही किसान कर पाएंगे, जो रजिस्टर्ड होंगे। वही अपनी सब्जी कलेक्शन सेंटर के जरिए बेच सकेंगे। अब तक आठ प्रखंडो से किसान इससे जुड़े हैं, धीरे-धीरे सभी प्रखंडो से किसानों को जोड़ने की कवायद की जा रही है।
मुज़फ़्फ़रपुर में होगा मुख्य कलेक्शन सेंटर : प्रखंडो में जो सब्जियां खरीदी जाएंगी। उसे मुज़फ़्फ़रपुर स्थित मुख्य सेंटर पर भेजा जाएगा। यहां से राज्य और देश के विभिन्न हिस्सों में इसकी सप्लाई होगी। मुख्य सेंटर बनाने की कवायद की जा रही है। शीघ्र ही यह शुरू हो जाएगा और किसानों के हित में काम करने लगेगा।
क्या कहते हैं किसान
कुढ़नी के अशोक कुमार, कांटी के वीरेंद्र सिंह, सकरा के सुशील सिंह और राजकुमार कहते हैं कि इससे बड़ी परेशानी दूर हो जाएगी। सब्जी बेचने के लिए इधर-उधर भटकने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी और सबसे अच्छी बात की हर दिन एक नई कीमत जारी होगी। उसी अनुसार सब्जियां बेची जाएंगी।




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