कोरोना की दूसरी लहर में एंबुलेंस को लेकर हाय-तौबा मची थी। कई लोगों ने आपदा को अवसर मान लिया। हालत यह रही कि बैरिया और जूरन छपरा से एसकेएमसीएच तक मरीज को पहुंचाने के लिए निजी एंबुलेंस चालकों ने तीन से चार हजार रुपये तक वसूले थे। वहीं, पटना रेफर हुए तो छह से 10 हजार तक की राशि मरीज को खर्च करनी पड़ी थी। निजी अस्पताल से शव ले जाने के लिए भी मनमाना किराया वसूला गया। इसको लेकर आएदिन हंगामा भी होता रहा। सरकारी एंबुलेेंस का यह हाल रहा कि चालक अगर घर से मरीज को लेकर चला तो अस्पताल के बाहर ही रखकर भाग जाता था। पिछले अनुभव को देखते हुए इस बार स्वास्थ्य विभाग सजग है। जिले को पांच नई एंबुलेंस मिली हैं। वहीं दो नए शव वाहन भी उपलब्ध हैैं।
एंबुलेेंस चालकों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
सिविल सर्जन डा.विनय कुमार शर्मा ने बताया कि तीसरी लहर को देखते हुए इस बार हर स्तर पर प्रशिक्षण व तैयारी चल रही है। केयर इंडिया के जिला संयोजक सौरभ तिवारी ने बताया कि एंबुलेंस चालक व उसके कर्मियों को भी प्रशिक्षित किया जाएगा। वह घर से मरीज को जब लेकर चलें तो किन-किन बातों का ख्याल रखें आदि की जानकारी दी जाएगी। पिछली बार अचानक मरीजों की संख्या बढऩे से एंबुलेंस सेवा में परेशानी हुई। इस बार हर चीज व्यवस्थित रहेगी।
कंट्रोल रूम से मिलेगी सेवा

सदर अस्पताल से लेकर पीएचसी तक एंबुलेंस समय पर उपलब्ध कराने के लिए कंट्रोल रूम काम करेगा। वहां सूचना देने के बाद मरीज को समय पर सही जगह पहुंचाया जाएगा। किसी तरह की परेशानी न हो इसके इंतजाम किए गए हैं। सीएस ने बताया कि जिले में अभी मरीज नहीं है। तीसरी लहर को लेकर सभी तैयारी है। सिविल सर्जन डा.विनय कुमार शर्मा ने कहा कि एंबुलेंस को लेकर इस बार संकट नहीं होगा। हर जरूरतमंद को सरकारी एंबुलेंस की सेवा मिले यह कोशिश रहेगी। पांच नई एंबुलेंस मिली हैैं। वहीं 59 पहले से हैैं। दो नए शव वाहन भी उपलब्ध हंै।
प्रखंड——-एंबुलेंस की संख्या

औराई——दो
बोचहां—–दो
बंदरा——एक
गायघाट—-दो
कांटी—–तीन
कटरा—–दो
कुढऩी——दो
मड़वन—-एक
मीनापुर—-तीन
मोतीपुर—दो
मुरौल—–दो
मुशहरी—–तीन
पारू———तीन
साहेबगंज—–तीन
सकरा——–दो
सरैया——दो
एसकेएमसीएच– सात
सदर अस्पताल—16




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