दिल्ली: कुछ दिन पहले ही जॉनसन एंड जॉनसन (Johnson and Johnson) कंपनी ने अपने कोरोना वैक्सीन को जल्द स्वीकृति देने का प्रस्ताव भारत सरकार के सामने रखा था, लेकिन अब कंपनी ने अपने प्रस्ताव को वापस ले लिया है. फिलहाल अभी यह नहीं पता चल सका है कि कंपनी के इस कदम के पीछे क्या कारण है. यह जानकारी ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया के सूत्रों से पता चली.
भारत विदेशी टीकों के आयात से कोरोना महामारी (Corona Pandemic) को खत्म करने लिए एक बड़ी तैयारियों में जुटा है लेकिन अब जॉनसन एंड जॉनसन (Johnson Covid Vaccine) की तरफ से वैक्सीन के प्रस्ताव को वापस ले लेने से भारत को एक बड़ा झटका लग सकता है. बता दें कि देश में फिलहाल कोरोना के खिलाफ सिर्फ एक ही विदेशी वैक्सीन का प्रयोग किया जा रहा है जो कि रूस की स्पूतनिक वी है. इससे पहले जॉनसन एंड जॉनसन ने यह दावा किया था कि उसकी वैक्सीन की पहली डोज कोरोना के खिलाफ 85 फीसदी तक कारगर है.
इस साल अप्रैल में किया था आवेदन
गौरतलब है कि अमेरिका कि जॉनसन एंड जॉनसन ने इस साल अप्रैल महीने में भारत में कोविड वैक्सीन ट्रायल के लिए आवदेन दिया था. हालांकि उस दौरान अमेरिका में खून के थक्के बनने की शिकायतों के बाद इसका ट्रायल बंद कर दिया था. कंपनी ने ऐसे समय में अपना प्रस्ताव वापस लिया जब भारत दूसरी विदेशी वैक्सीन के साथ कानूनी मामलों में फंसा हुआ है.
वैक्सीन आयात के प्रस्ताव में आने वाली परेशानियों के बारे में पिछले सप्ताह स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री भारती प्रवीण पवार ने कहा था कि टीकाकरण के दौर में वैक्सीन से संबंधित मुद्दों को सुलझाने के लिए एक टीम गठित की गई है. उन्होंने यह भी बताया कि यह टीम फाइजर, जॉनसन एंड जॉनसन और मॉर्डना कंपनियों के साथ लगातार बातचीत कर रही है.





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