जातिगत जनगणना को लेकर बिहार में सियासत तेज हो गयी है. जेडीयू काफी लंबे समय से जातिगत जनगणना की मांग कर रहा है. वहीं राजद भी इसकी मांग कर रहा है. इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बीच मुलाकात भी हो गयी है. दोनों की मुलाकात बाद बिहार की सियासत गर्म हो गयी है.
अब बीजेपी सांसद अजय निषाद भी जातिगत जनगणना के पक्ष में खुलकर आ गए है. उन्होंने कहा कि जिस भारत देश में गाय की गिनती, भैंस की गिनती और शेर और बाघ के बच्चों की गिनती हो सकती है तो जातीय जनगणना क्यों नहीं?. उसके साथ गरीबी की भी गिनती होनी चाहिए और सरकार को इसमें उतना ही मेहनत लगेगा.

वहीं बढ़ते अपराध के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सरकार को अपराध पर लगाम लगाना होगा और सुशासन का राज दिखाना पड़ेगा. ये बाते शनिवार को भाजपा मत्स्य जीवी प्रकोष्ठ (बिहार प्रदेश) के द्वारा सांसद अजय निषाद के आवास पर कैप्टन जयनारायण प्रसाद निषाद जयंती आयोजन समिति की बैठक के बाद कहीं.

बता दें कि जातिगत जनगणना की मांग बिहार में सियासी रंग लेने लगा है. सदन में आरजेडी नेता व नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने उस मुद्दे को उठाया. इसके बाद उन्होंने सीएम नीतीश से मुलाकात की. जातीय जनगणना को लेकर उन्होंने सरकार को दो सुझाव दिए. पहला की सीएम नीतीश के नेतृत्व में बिहार के राजनीतिक दल का एक प्रतिनिधिमंडल पीएम मोदी से मुलाकात करें. उनके समक्ष इस मुद्दे को रखा जाए.

अगर ऐसा संभव नहीं होता है तो तेजस्वी ने दूसरा सुझाव भी दिया है. उन्होंने सीएम नीतीश से कर्नाटक के तर्ज पर खुद के खर्च पर जातिगत जनगणना कराने की बात कही. ऐसा करने से किसा जाति की कितनी संख्या है उसका पता चलेगा.
Input : LiveCities



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