कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट, क्लैट का रिजल्ट जारी हो गया है। भागलपुर के खरमनचक की गरिमा बंका बिहार की टॉपर बनी हैं। उन्हें देशभर में नाैवां स्थान प्राप्त किया है। उसे क्लैट में 113.25 अंक मिले हैं। अब इस परिणाम के आधार पर 22 नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में दाखिला होगा। बिहार में दूसरे स्थान पर रामनगर, बेतिया के अरुणोदय हैं, जिनका आल इंडिया 21वां हैं और 109.75 मार्क्स आए हैं।
थर्ड टॉपर हैं खगड़िया के मयंक जिन्हें एआईआर 97 और अंक 102.50 प्राप्त हुआ है। दूसरी ओर लॉ प्रेप पटना के एक वर्षीय ऑनलाइन प्रोग्राम की श्वेता ने आल इंडिया रैंक 4 प्राप्त किया है। क्लैट ने अपने परिणाम के साथ ही पहली मेरिट लिस्ट और फर्स्ट काउंसलिंग के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी है। शुक्रवार यानी 30 जुलाई, दोपहर 12 बजे तक रजिस्ट्रेशन चलेगा।
क्या पढ़ना है, कैसे करनी है तैयारी, यह तय कर गरिमा ने पाई सफलता
क्लैट में देश में नौवां स्थान और राज्य में पहला स्थान हासिल करने वाली गरिमा के माता-पिता ने कभी दबाव नहीं बनाया। उन्होंने कभी यह नहीं कहा कि क्या पढ़ना है और कौन सा कॅरियर चुनना है। गरिमा के पिता राजेश कुमार बंका ने बताया कि आमताैर पर बच्चे सीए, मेडिकल या इंजीनयिरिंग का फील्ड चुनते हैं। लेकिन गरिमा काे इनमें रुचि ही नहीं थी
12वीं के बाद जब उससे आगे की पढ़ाई पर चर्चा हुई ताे उसने लाॅ का फील्ड बताया। मुझे भी लगा कि लाॅ के फील्ड में कॅरियर का बेहतर विकल्प है। न्यूज चैनलाें और अखबाराें में अक्सर खबरें आती थीं कि कैसे अपने देश में लाॅ के क्षेत्र में जजाें और वकीलाें की कमी है। इसलिए जब उसने लाॅ में कॅरियर की बात कही ताे मैंने भी हां कर दी।
12वीं के बाद एक साल कॉलेज ड्रॉप कर दिया
पिता राजेश बंका ने बताया, क्लैट की तैयारी के लिए गरिमा ने 12वीं के बाद एक साल काॅलेज ड्राॅप कर दिया। उसकी काबिलियत पर भराेसा था इसलिए हमने उसे राेका-टाेका नहीं। उसकी 90 फीसदी तैयारी आनलाइन ही घर पर हुई। बीच में जनवरी में भाेपाल स्थित इंस्टीट्यूट गई थी लेकिन काेराेना की दूसरी लहर शुरू हाेने पर वापस घर अा गई थी। हमलाेगाें ने उसे संसाधन उपलब्ध कराए, लेकिन यह कभी तय नहीं किया कि तैयारी कैसे और कहां करनी है।
इस परिणाम के आधार पर 22 छात्रों का नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में दाखिला होगा
कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट, क्लैट का रिजल्ट जारी हो गया है। बुधवार देर रात क्लैट ने रिजल्ट अपने आधिकारिक वेबसाइट clatconsortiumofnlu.ac.in पर जारी कर दिया है। अब इस परिणाम के आधार पर 22 नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में दाखिला होगा। भागलपुर की गरिमा बंका बिहार की टॉपर बनी हैं।
उन्हें 113.25 मार्क्स मिले हैं। बिहार टॉपर गरिमा ने बताया कि वह हमेशा लीक से हटकर कॅरियर का विकल्प चुनना चाहती थीं इसलिए उन्होंनेे लाॅ काे चुना। इसके साथ ही बिहार के दूसरे स्थान पर अरुणोदय हैं, जिनका आल इंडिया 21वां हैं और 109.75 मार्क्स आए हैं।
थर्ड टॉपर हैं मयंक जिन्हें एआईआर 97 और अंक 102.50 प्राप्त हुआ है। दूसरी ओर लॉ प्रेप पटना के एक वर्षीय ऑनलाइन प्रोग्राम की श्वेता ने आल इंडिया रैंक 4 प्राप्त किया है। श्वेता केरल की रहने वाली हैं। इस बार पटना लॉ प्रेप के 25 से अधिक छात्रों ने आल इंडिया रैंक में अपनी जगह बनाई है।
संस्था के निदेशक अभिषेक गुंजन ने बताया कि यह हमसब के लिए गौरवान्वित क्षण है। छात्रों ने अपनी सफलता का श्रेय लॉ प्रेप के अनुशासित शैक्षणिक परिवेश और शिक्षकों के छात्रों के प्रति समर्पण को दिया। वहीं क्लैट पाथ संस्थान के पांच अभ्यर्थी टॉप 1000 में शामिल हुए हैं। इसमें 349वां रैंक अनुष्का सत्या को मिला है जबकि 381वां दिव्यांशी शुक्ला को, 507 वां निशांत कुमार को, 545 पवन कुमार को और 986वां वत्सला को मिला है।
पहली मेरिट लिस्ट जारी, काउंसलिंग भी शुरू
क्लैट ने अपने परिणाम के साथ ही पहली मेरिट लिस्ट और फर्स्ट काउंसलिंग के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी है। शुक्रवार यानी 30 जुलाई, दोपहर 12 बजे तक रजिस्ट्रेशन चलेगा। काउंसलिंग फीस के रूप में विद्यार्थियों को 50 हजार रुपए जमा करने होंगे। इसकी पहली लिस्ट एक अगस्त को जारी होनी है। सीट को स्वीकार या लॉक करने के साथ-साथ विद्यार्थियों को अपने संबंधित डॉक्युमेंट्स अपलोड करने होंगे। इसके बाद दूसरी सूची 9 अगस्त को जार होगी और तीसरी सूची 13 अगस्त को।
सफलता का श्रेय दिया अपने माता-पिता को
रामनगर, बेतिया के रहने वाले अरुणोदय ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया है। उन्होंने कहा कि कभी भी पढ़ाई में मैंने ब्रेक नहीं लगने दिया। अपनी रिविजन और प्रेक्टिस जारी रखी। 10 से 12 घंटे की पढ़ाई की। मॉक टेस्ट देता रहा।
कड़ी मेहनत के बाद मैंने सफलता पाई
खगड़िया के मयंक को आल इंडिया रैंक 97 प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही वो बिहार के थर्ड टॉपर बने हैं। मयंक ने बताया कि मेरी सफलता का श्रेय मैं अपने संस्था और अभिवावक को देता हूं। कड़ी मेहनत के बाद मैंने सफलता पाई है। मॉक टेस्ट देने की आदत बना ली।




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