मुजफ्फरपुर नगर निगम की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आता दिख रहा है। जहां पूर्व मेयर सुरेश कुमार ने डिप्टी मेयर मानमर्दन शुक्ला के खि’लाफ अविश्वास प्रस्ताव पर हुई बैठक और वोटिंग को अ’वैध और गैरकानूनी करार दिया है। उन्होंने नगर आयुक्त पर भी मिलीभगत का आरोप लगाया है। इसलिए वे अब उन सभी को कोर्ट तक लेकर जाएंगे।

दरअसल बुधवार शाम छह बजे सुरेश कुमार ने अपने आवास पर एक प्रेस वार्ता बुलाई थी। उसी दौरान उन्होंने उक्त बातें कही। साथ ही उन्होंने कहा कि कानूनी तौर पर डिप्टी मेयर के पद से मानमर्दन शुक्ला हट चुके थे। इसके बावजूद उनकी अध्यक्षता में बैठक बुलाई गई और वोटिंग भी कराया गया। उन्होंने कहा कि 23 जुलाई को डिप्टी मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बैठक बुलाई गई थी। इसमें अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में आठ मत पड़े थे और विपक्ष में दो मत। वहीं एक मत रद्द हो गया था। इस प्रकार कुल 11 मत पड़े। इस आधार पर वे डिप्टी मेयर की कुर्सी से उसी समय हट गए थे। जिसके बावजूद उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की जो बैठक बुलाई गई उसमे डिप्टी मेयर से अध्यक्षता कराई गई। यह कैसे सम्भव हो सकता है।

सुरेश कुमार का कहा है कि वे मेयर थे और वर्तमान में भी हैं। क्योंकि, गैरकानूनी तरीके से बुलाई गई बैठक का वे विरोध करते हैं और इसके खिलाफ हाईकोर्ट भी जाएंगे। इससे नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव को भी अवगत कराया जा रहा है। साथ ही उनसे उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया जाएगा। सुरेश कुमार के इस बयान के बाद से ही निगम की राजनीति गरमा गई है। अब देखने वाली बात ये होगी कि डिप्टी मेयर और अन्य पार्षदों का अगला कदम क्या होगा।



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