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मुजफ्फरपुर : दुकान आवंटन व किराए का लेखा-जोखा नहीं / सिकंदरपुर स्टेडियम की 53 दुकानों में महज दाे से किराया ले रहा निगम, 51 पर है अवैध कब्जा

नगर निगम कार्यालय से महज चंद कदम की दूरी पर स्थित सिकंदरपुर स्टेडियम की 53 दुकानों में से 51 पर एक दशक से ज्यादा समय से अवैध कब्जा है। जिम व गैस एजेंसी द्वारा 4-5 साल पहले तक किराए का भुगतान किया गया है। अन्य किसी दुकान के किराया व दुकान आवंटन का कोई लेखा-जोखा नगर निगम के पास नहीं है। मंगलवार को सिटी मैनेजर ओमप्रकाश के नेतृत्व में स्टेडियम पहुंची नगर निगम की टीम ने सभी दुकानों पर नोटिस चस्पा दिया। इनमें ज्यादातर दुकानें बंद हैं। इसके साथ ही स्मार्ट सिटी के तहत सिकंदरपुर स्टेडियम के जीर्णोद्धार को लेकर सभी दुकानों को खाली कराने की तैयारी में नगर निगम है।

मंगलवार को निगम प्रशासन की ओर से जो नोटिस दुकानों के बाहर चस्पाया गया है। उन नोटिस में भी कहा गया है कि मुजफ्फरपुर नेहरू स्टेडियम (सिकन्दरपुर ) में स्थित दुकानें खाली करने के संबंध में जांच के क्रम में देखा गया है कि दुकानों में ताला बन्द है। कार्यालय अभिलेख के अनुसार संदर्भित दुकान का आवंटन, एकरारनामा, किराया के संबंध में कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं है।

इससे स्पष्ट है कि उक्त दुकान/स्थल अतिक्रमित हैं। 24 घंटे के अन्दर उक्त स्थल/दुकान को अतिक्रमण से मुक्त कर दें। अन्यथा, स्थायी रूप से अतिक्रमण के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करते हुए 20-20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही दुकानों को अतिक्रमण मुक्त कराने में होनेवाले खर्च की राशि भी वसूल की जाएगी।

अतिक्रमण की वजह से नहीं बन रहा है स्टेडियम
सिकंदरपुर स्टेडियम का जीर्णोद्धार होना है। इसके लिए स्मार्ट सिटी मिशन के एमडी एजेंसी से एग्रीमेंट भी कर चुके हैं। इसे अत्याधुनिक स्टेडियम बनाने के लिए अतिक्रमण खाली कराना जरूरी है। चार माह से एजेंसी द्वारा स्मार्ट सिटी मिशन के अधिकारियों को पत्र लिखकर सिकंदरपुर स्टेडियम को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए कहा जा रहा है।

एमआरडीए से कराया गया था इस स्टेडियम का निर्माण

एमआरडीए द्वारा सिकंदरपुर स्टेडियम का निर्माण 1981-82 में कराया गया था। 2006 में एमआरडीए को भंग कर दिया गया। घोटाले को लेकर भी एमआरडीए की बदनामी हुई। 2006 के बाद से एमआरडीए का नगर निगम में विलय कर दिया गया। विभाग का मानना है कि एमआरडीए व नगर निगम से किसी दुकान का आवंटन किया ही नहीं गया। दामोदर गैस सर्विस और जिम संचालक द्वारा सिर्फ आवंटन कराया गया। इन दोनों प्रतिष्ठान से नगर निगम को किराया मिला। दामोदर गैस सर्विस के प्रतिनिधि राकेश कुमार ने बताया कि 2017 तक किराए का भुगतान किए हैं।

उसके बाद के भुगतान का रिकॉर्ड देखने के बाद ही कुछ बता सकते हैं। उन्होंने कहा कि नगर निगम द्वारा खाली करने का नोटिस दिया गया है। एक किराना दुकान चलाने वाले युवक ने कहा कि एक साल पहले आवंटन के लिए नगर निगम को पत्र दिए। लेकिन, आवंटन नहीं हुआ। इस वजह से किसी को किराया नहीं देते। सुनीता देवी समेत कई महिलाओं ने कहा कि कई वर्षों से इसी में गुजर काट रहे हैं। कभी किराया नहीं दिए। 48-49 दुकानों का शटर गिरा हुआ मिला।

स्मार्ट सिटी : बैरिया रोड का आज से शुरू होगा निर्माण, अतिक्रमण की वजह से बाधा
स्मार्ट सिटी मिशन के तहत बैरिया से लक्ष्मी चौक होते स्टेशन तक स्पाइनल रोड का निर्माण होना है। बुधवार से एजेंसी को बैरिया से सड़क खुदाई का काम शुरू करना है। अतिक्रमण की वजह से एजेंसी को इस काम करने में परेशानी हो रही है। एजेंसी ने स्मार्ट सिटी मिशन के एमडी सह नगर आयुक्त को पत्र लिख कर अतिक्रमण खाली कराने का अनुरोध किया है। बैरिया गोलंबर के पास स्थाई अतिक्रमण की वजह से सड़क चौड़ीकरण में परेशानी आ रही है

नगर आयुक्त ने कहा

सिकंदरपुर स्टेडियम की दुकानों का आवंटन कभी किया ही नहीं गया। इसके रिकाॅर्ड की जांच की गई है। एमआरडीए द्वारा इसका निर्माण कराया गया था। बाद में एमआरडीडीए का विघटन हो गया। सभी अवैध कब्जाधारियों को खाली करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके लिए नोटिस भी जारी कर दिया गया है।
-विवेक रंजन मैत्रेय, नगर आयुक्त

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