मुजफ्फरपुर। नारायणपुर अनंत रेलवे स्टेशन पर आधुनिक पैनल बैठाने का काम किया जा रहा है। जिसके कारण नन इंटरलॉकिंग मंगलवार एवं बुधवार तक रहेगा। सिगनल का काम होने से विभिन्न विभाग के लगभग दो सौ कर्मचारियों और अधिकारियों को तैनात किया है। सिगनल का काम होने से सावधानी पूर्वक ट्रेनों का आवागमन किया जा रहा है। सोनपुर रेल मंडल में सबसे बड़ा यार्ड नारायणपुर अनंत रेलवे स्टेशन पर है। यहां पर मालगाड़ियों की ठहराव के लिए सबसे बड़ा यार्ड बनाया गया है। यार्ड में मालगाड़ियों के ठहराव और ट्रेनों के आवागमन के लिए लगभग 25 लाइनें है।

मुजफ्फरपुर जंक्शन स्थित सिंगनल विभाग द्वारा आधुनिक इलेक्ट्रोनिक इंटर लॉकिंग पैनल को तैयार करने का काम किया जा रहा है। पुराना सिगनल को हटाकर आधुनिक सिगनल लगाया जा रहा है। नन इंटरलॉकिंग का काम होने से सिगनल विभाग, बिजली विभाग,अभियंता विभाग एवं परिचालन विभाग के लगभग दो कर्मचारी एवं अधिकारी को तैनात किया गया है। नारायणपुर अनंत रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के परिचालन के लिए सात लाइनें है। जिससे होकर अप एवं डाउन टे्रनों का आवागमन किया जाता है। वहीं मालगाड़ियों की ठहराव के लिए 15 लाइनें है। जबकि एफसीआई में पांच एवं बीपीसीएल के लिए एक लाइन बिछी हुई है। भारतीय खाद्य निगम में विभिन्न जगहों से अनाज की आवक है। वहीं बीपीसीएल में डीजल एवं पेट्रोल उतारने का काम किया जाता है।

नारायणपुर अनंत रेलवे स्टेशन पर बने पार्सल घर में मालगाड़ियों से आने वाले विभिन्न सामानों को उतारने का काम किया जाता है। यहां विभिन्न जगहों से कोयला,गिट्टी,सीमेंट,नमक,खाद,बालू आदि की आवक है। जिससे लाखों रुपये की आय स्टेशन को होता है। सबसे ज्यादा सीमेंट धनबाद, औरंगाबाद, उड़ीसा, एनपी, गुजरात से यहां आता है। वहीं बालू पश्चिम बंगाल के बराकर एवं रगिया से है। कोयला धनबाद, नमक गुजरात के कांडलापोट, गिट्टी पश्चिम बंगाल के पाकुड़ एवं खाद गुजरात,चेन्नई,उड़ीसा से यहां आता है। यहां पर प्रतिदिन दो से चार रैक माल आता है।





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