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बिहार के पूर्व डीजीपी बने भागवत कथा वाचक:खाकी और खादी से मोहभंग होने के बाद गुप्तेश्वर पांडेय ने शुरू की धार्मिक पारी, बोले- राजनीति सबके बस की बात नहीं

बिहार में डीजीपी के पद से त्यागपत्र देकर राजनीति में आने की चाह रखने वाले पूर्व पुलिस अधिकारी गुप्तेश्वर पांडेय मथुरा में धर्माचार्य के रूप में नजर आ आए। पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय अब भागवत कथा वाचक बन गए हैं। रविवार को वृंदावन में गुप्तेश्वर पांडे ने अपनी पहली भागवत कथा शुरू की।

सावन के पहले दिन शुरू की श्रीमद् भागवत कथा
बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय रविवार को अलग रूप में नजर आए। कभी खाकी वर्दी में दिखने वाले गुप्तेश्वर पांडेय धर्म नगरी वृंदावन में धोती कुर्ता में पूरे धार्मिक परिधान में नजर आए । गुप्तेश्वर पांडेय ने यह वेशभूषा भागवत प्रवक्ता बनने के बाद अपनाई है। गुप्तेश्वर पांडेय धर्म नगरी वृंदावन अपनी पहली 7 दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा कर रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री अश्वनी चौबे ने गुप्तेश्वर पांडेय को तिलक लगाकर कथा का शुभारंभ करवाया।

केंद्रीय मंत्री अश्वनी चौबे ने गुप्तेश्वर पांडेय को तिलक लगाकर कथा का शुभारंभ करवाया।

केंद्रीय राज्य मंत्री ने किया कथा का शुभारंभ
रविवार से शुरू हुई पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय की श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ केंद्रीय राज्यमंत्री अश्वनी चौबे ने व्यासपीठ पर बैठे गुप्तेश्वर पांडेय को तिलक लगाकर किया। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री अश्वनी चौबे ने कहा, कि कण-कण में भगवान हैं। गुप्तेश्वर पांडेय ने सरकारी सेवाओं के दौरान भी अध्यात्म को नहीं छोड़ा ।

पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय खाकी, खादी के बाद अब धर्मगुरु की भूमिका में।

पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय खाकी, खादी के बाद अब धर्मगुरु की भूमिका में।

एक साल तक किया भागवत का अध्ययन
राजनीति में जाने की लालसा लिए डीजीपी का पद छोड़ने वाले गुप्तेश्वर पांडेय को जब वहां सफलता नहीं मिली तो उन्होंने अध्यात्म का रास्ता चुना। पाराशर अध्यात्मिक पीठ के संस्थापक और भागवत प्रवक्ता श्याम सुंदर पाराशर ने बताया कि इनको एक साल विधिवत अध्ययन कराया गया। जिसके बाद रविवार से यह पहली बार भागवत कर रहे हैं।

श्रावण माह के पहले दिन से गुप्तेश्वर पांडेय ने अपनी पहली कथा का औपचारिक शुभारंभ किया

श्रावण माह के पहले दिन से गुप्तेश्वर पांडेय ने अपनी पहली कथा का औपचारिक शुभारंभ किया

राजनीति सभी के बस की बात नहीं
पुलिस अधिकारी से भागवत प्रवक्ता बने गुप्तेश्वर पांडेय ने बताया कि श्रावण माह के पहले दिन से वह अपनी पहली कथा का औपचारिक शुभारंभ कर रहे हैं। बिहार के 38 जिलों में से 26 जिलों में विभिन्न पदों पर रहे गुप्तेश्वर पांडेय ने बताया कि राजनीति सभी के बस की नहीं है। बचपन से धर्म का अध्ययन किया, परिवार से संस्कार मिले यही वजह है कि आज वह श्रीमद् भागवत कथा वाचक बने हैं। गुप्तेश्वर पांडेय से जब यह पूछा गया कि वह आगे क्या करेंगे, जिस पर उन्होंने कहा कि वो भगवान के हाथ की बंशी बन गए हैं, अब वो जैसे बजाना चाहें वैसे बजाएं।

श्रीमद् भागवत कथा वाचक और पूर्व डीजीपी के साथ केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे।

श्रीमद् भागवत कथा वाचक और पूर्व डीजीपी के साथ केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे।

चर्चाओं में बने रहते हैं पूर्व डीजीपी
कभी बिहार के रॉबिनहुड कहे जाने वाले गुप्तेश्वर पांडेय अब नये अवतार में हैं। कान्हा की भूमि से जीवन की नई पारी की शुरुआत करने जा रहे गुप्तेश्वर पांडेय की यह पहली पहली भागवत कथा है। जिसमें वह श्रद्धालुओं को कथा सुनाएंगे। पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय खाकी, खादी के बाद अब धर्मगुरु की भूमिका में अपने नये अवतार की औपचारिक शुरुआत करने जा रहे हैं। बिहार में पुलिस सेवा के दौरान अपने कारनामों से चर्चा में रहने वाले पांडेय ने सुशांत सिंह सुसाइड केस में रिया चक्रवर्ती पर बयान देकर खूब सुर्खियां बटोरी थी। इससे पहले वह बिहार में शराब बंदी की वकालत करके भी मीडिया की सुर्खियों में रह चुके हैं।

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