मुजफ्फरपुर में AES मरीजों की संख्या में हर दिन इजाफा हो रहा है। हर दिन नए केस सामने आ रहे हैं। इसके साथ मरीजों की मौ’त भी हो रही है। शुक्रवार को भी एक बच्ची ने AES (एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम) से SKMCH में दम तोड़ दिया। वह पीकू वार्ड में भर्ती थी। मृ’तका शिवानी कुमारी (7) सकरा फरीदपुर की रहने वाली थी। उसे चमकी बु’खार के लक्षण दिखने के बाद परिजन ने 19 जुलाई को SKMCH में भर्ती कराया था। जांच रिपोर्ट आने पर उसमें AES की पुष्टि हुई।
पीकू वार्ड में बच्ची का इलाज चल रहा था। इसी दौरान उसकी हालत गम्भीर होती चली गई। डॉक्टरों के अथक प्रयास के बावजूद उसकी मौ’त हो गई। वहीं एक और बच्चे में AES की पुष्टि हुई है। इससे मरीजों की कुल संख्या 51 हो गई है। वहीं इस बीमा’री से मर’ने वालों की संख्या अब 11 हो गई है।
बता दें कि विगत एक सप्ताह से जिले में बच्चों के लिए मौसम अनुकूल नहीं है। कभी चिलचिलाती धूप तो कभी बारिश। इससे बच्चों के स्वास्थ्य पर खराब असर पड़ रहा है। यही कारण है कि चमकी बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। डॉक्टरों की मानें तो कई मामलों में तो परिजन पहले बच्चे को निजी या दूसरे अस्पतालों में ले जाते हैं, जबकि उन अस्पतालों में इलाज की सम्पूर्ण व्यवस्था नहीं होती है। असप्ताल में मरीज को भर्ती तो कर लिया जाता है, लेकिन इलाज सही नहीं होने पर मरीज की हालत बिगड़ती चली जाती है। इसके बाद मरीज को वहां से रेफर कर दिया जाता है। सही जगह पहुंचते-पहुंचते देरी हो जाती है और मरीज की जान पर बन आती है।




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