सीवान के शास्त्री नगर के रहने वाले 10 वर्षीय आयुष गुप्ता को DMD (Duchenne muscular dystrophy) जैसी घातक बीमारी है। इस बीमारी के इलाज के लिए एक इंजेक्शन की कीमत 16 करोड़ रुपए हैं, लेकिन परिवार के पास इतने पैसे नहीं हैं। इसलिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से आयुष के इलाज के लिए गुहार लगाई है। DMD एक आनुवांशिक बीमारी है, जो लड़कों को प्रभावित करती है।
प्रदीप गुप्ता के पुत्र आयुष को पिछले 5 सालों से यह बीमारी है, जिसके इलाज के लिए परिजनों ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। उसे इस घातक बीमारी को मात देने के लिए Zolgensma जिम थैरेपी के एक सिंगल डोज की जरूरत है, जिसकी कीमत 16 करोड़ रुपए है।

इस बीमारी के कारण आयुष के हाथ-पैर काम नहीं करता है। यहां तक कि आयुष उठ कर बैठ नहीं पता है। अपने हाथ से खाना भी नहीं खा सकता है। जहां लेटा दिया जाता है, वहां तब तक पड़ा रहता है जब तक उसे दूसरी ओर नहीं किया जाए।

कर्ज लेकर पिता करा रहे हैं इलाज
प्रदीप कुमार गुप्ता फोटो स्टूडियो की दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। बेटे के इलाज के लिए 4 लाख रुपए कर्ज भी लिए हैं। सीवान से पटना, बंगलुरु, कोलकाता, हरिद्वार रांची, जयपुर सहित कई बड़े-बड़े अस्पतालों में इलाज कराया जा चुका है, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ है। आयुष की मां ने हाथ जोड़कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और देश की आम जनता से मदद की अपील की है। कहा है- ‘मेरे बच्चे को बीमारी है, जिसके लिए अमेरिका में एक इंजेक्शन है। इसकी कीमत 16 करोड़ रुपए हैं। अगर यह इंजेक्शन बेटे को मिल जाए तो उसकी जान बच सकती है’।
आयुष के पिता प्रदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि शुरू-शुरू में यह ठीक था, लेकिन 2 साल से इसकी स्थिति बिगड़ने लगी। यह अपना कोई काम नहीं कर सकता है। बहुत दिक्कत होती हैं। रात भर सो नहीं पाते हैं।

डॉक्टर बनना चाहता है आयुष
आयुष ने भी लोगों से मदद की गुहार लगाई है। कहा है- ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित अन्य लोग मेरी मदद करें। मेरे परिवार की स्थिति ठीक नहीं है। मैं पढ़-लिखकर डॉक्टर बनना चाहता हूं और जनता की सेवा करना चाहता हूं। पहले मैं खेलता-कूदता था। फिर पता नहीं यह कैसे हो गया’।



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