इसी साल सितंबर-अक्टूबर महीने में बिहार में पंचायत चुनाव संभावित है. इसको लेकर राज्य निर्वाचन आयोग तैयारी में जुट गया है. निर्वाचन विभाग की ओर से गाइडलाइन जारी कर दिया गया. जिसके तहत ही पंचायत प्रत्याशी प्रचार प्रसार कर सकेंगे. आयोग की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार किसी के घर के सामने नारा लगाने पर रोक रहेगी. कोई भी प्रत्याशी किसी के घर के सामने नारा नहीं लगा सकते हैं.

इसके अलावे जाति व भाषा भावनाओं पर रोक रहेगी. प्रचार के दौरान कोई भी प्रत्याशी जाति व भाषा भावनाओं का भड़काने का काम नहीं करेंगे. अगर ऐसा करते हैं तो चुनाव आचार संहिता के आधार पर उनपर कार्रवाई की जाएगी. साथ ही धार्मिक स्थल को प्रचार प्रसार के प्रत्याशियों के इस्तेमाल पर रोक रहेगी.

इधर बिहार के करीब 20 जिलों में ईवीएम पहुंच गया है. शेष जिलों में इसी महीने में ईवीएम पहुचेंगे. बिहार में पहली बार ईवीएम से पंचायत चुनाव हो रहा है. इसके लिए विभिन्न राज्यों से ईवीएम मंगवाया गया है. तकरीबन 1 लाख 88 हजार ईवीएम की जरूरत होगी. जिसकी राज्य निर्वाचन आयोग ने व्यवस्था कर ली है. देश के कई राज्यों से ईवीएम मंगवाए गए हैं.

पिछले दिनों ही राज्य निर्वाचन आयोग ने बिहार के सभी जिलों के डीएम और एसपी के साथ बैठक कर तैयारी की समीक्षा की थी. खासकर बाढ़ प्रभावित जिलों के जिलाधिकारी और एसपी के साथ तैयारी का जायजा लिया गया था. बता दें कि बिहार में इन दिनों बाढ़ से कई जिले प्रभावित है. इन जिलों में पंचायत चुनाव कराना आयोग के लिए एक चुनौती है. इसी चुनौती को देखते हुए निर्वाचन आयोग लगातार समीक्षा बैठक कर तैयारी का जायजा ले रहा है.
Input: LiveCities



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