उत्तर प्रदेश में बिहार सरकार के मंत्री और विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सहनी फूलन देवी की प्रतिमा के साथ चुनावी आगाज करेंगे। 25 जुलाई को मुकेश सहनी यूपी में फूलन देवी की पुण्यतिथि मनाने जा रहे हैं। इस आयोजन के मौके पर 18 जिलों में पूर्व सांसद फूलन देवी की प्रतिमा स्थापित करवाएंगे।
बिहार के पशु व मत्स्य संसाधन मंत्री मुकेश सहनी पटना स्थित अपने 6 स्ट्रैण्ड रोड सरकारी आवास में फूलन देवी की दो दर्जन से अधिक मूर्तियां बनवा रहे हैं। गोल्डन कलर से रंगी इन मूर्तियों की ऊंचाई 18 फीट है और इसे ट्रकों के जरिये यूपी के विभिन्न जिलों तक ले जाया जाएगा।
यूपी में निषाद, मल्लाह और कश्यप वोट करीब चार फीसदी है। VIP निषाद समाज से आने वाली फूलन देवी के बहाने निषाद वोटों को अपने पाले में करने की कोशिश कर रही है। इसी रणनीति के तहत सहनी ने अपने मुख्य कार्यक्रम के लिए वाराणसी का चुनाव किया है। साल 2022 के विधानसभा चुनाव के पहले यूपी में अपना कद तलाशने निकले सहनी की नजर खासतौर से पूर्वी और मध्य यूपी के जिलों पर है। यहां के कई जिलों में निषाद वोट बैंक चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाता है।
मुकेश सहनी के मुताबिक ये मूर्तियां बनारस, लखनऊ, बलिया, संत कबीरनगर, बांदा, अयोध्या, सुल्तानपुर, गोरखपुर, महाराजगंज, औरैया, प्रयागराज , उन्नाव, मेरठ, मिर्जापुर, संत रविदास नगर, मुजफ्फरनगर, फिरोजाबाद और जौनपुर में स्थापित की जाएगी। मुकेश सहनी खुद वाराणसी के सुजाबाद पड़ाव पर मूर्ति स्थापना कार्यक्रम में मौजूद होंगे। जबकि, बाकी जिलों में उनके कार्यकर्ता ये मूर्तियां लगवाएंगे।

फूलन देवी की मूर्तियों के सहारे UP की सियासत में एंट्री करेंगे सहनी।
साल 2001 में हुई थी फूलन देवी की हत्या

20 साल पहले फूलन देवी की हत्या कर दी गई थी। फूलन देवी का जन्म 10 अगस्त 1963 को उत्तर प्रदेश के शेखपुरा पूर्वा में हुआ था। गांव के कुछ विशेष वर्ग के लोगों ने प्रताड़ित किया। इसके बाद फूलन देवी डकैतों के दल में शामिल हो गई थीं। अपने ऊपर हुए अत्याचारों का बदला लेते फूलन देवी ने 22 लोगों की हत्या कर दी थी। 1983 में इंदिरा गांधी की तत्कालीन सरकार की पहल पर फूलन देवी ने मध्यप्रदेश के भिंड में तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था।

बिना मुकदमा चलाए 11 साल तक जेल में रहने के बाद फूलन देवी को 1994 में मुलायम सिंह यादव की सरकार ने रिहा कर दिया था। फूलन ने अपनी रिहाई के बाद बौद्ध धर्म में धर्मांतरण किया था। 1996 में फूलन देवी ने उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर सीट से (लोकसभा) चुनाव जीता और वह संसद तक पहुंचीं। 25 जुलाई 2001 को दिल्ली में उनके आवास पर उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।



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