भारत के 5 नागरिक ईरान के चाबहार में फंसे हुए हैं। सभी ने एक वीडियो के जरिए पीएम मोदी से वतन वापसी कराने की अपील की है। वीडियो में उन लोगों ने कहा है कि यहां हमारी जान को खतरा है। वतन बुला लीजिए पीएम साहब, नहीं तो मर जाएंगे। फंसे हुए 5 भारतीय नागरिकों में एक बिहार के छपरा जिले के साधपुर जुरनी का रहने वाला भी है। उन्होंने यह भी कहा है कि हमें ड्रग्स के झूठे केस में फंसा दिया गया। इसके बाद 400 दिनों तक जेल में बंद रखा गया। रिहाई के बावजूद ईरान के अधिकारियों की ओर से पासपोर्ट समेत सभी कागजात नहीं दिए गए हैं।

कहां-कहां के हैं युवक
3.17 मिनट के वीडियो में वतन वापसी की मांग कर रहे युवकों ने कहा है कि वे जानवर जैसी जिंदगी जीने को मजबूर हैं। भोजन के लिए भी कुछ नहीं है। लोगों से किसी तरह मांग कर काम चला रहे हैं। उन्होंने भारतीय दूतावास से भी मदद मांगी। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। ईरान में फंसे 5 युवकों में 2 महाराष्ट्र, 1 उत्तराखंड, 1 तमिलनाडू और 1 बिहार का रहने वाला है। उन्होंने कहा कि भारतीय एजेंटों और पोर्ट के कुछ लोगों की वजह से उन्हें ड्रग्स के झूठे केस में फंसा दिया गया। 400 दिन तक सभी ईरान की जेल में बंद रहे। फिर, कोर्ट ने उन्हें 9 मार्च को रिहा कर दिया। लेकिन, बिना डॉक्यूमेंट के उनकी बातों को कोई नहीं सुन रहा है। ईरान के अधिकारियों ने पहचान पत्र भी वापस नहीं किया है।

ईरान में फंसे छपरा के युवक के घर सन्नाटा
बिहार के छपरा के रहने वाले प्रणय कुमार भी फंसे हुए हैं। यहां के गरखा प्रखंड के साधपुर जुरनी गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। परिजन डरे हुए हैं। प्रणय के पिता अवधेश तिवारी और माता उर्मिला देवी बेटे की वापसी की आस लगाए प्रधानमंत्री और उच्च अधिकारियों से गुहार लगा रही हैं। प्रणव कुमार के परिजनों ने दैनिक भास्कर से बताया कि प्रणव मुंबई में रहकर मर्चेंट नेवी की तैयारी करने के बाद एक एजेंट के झांसे में आकर नौकरी के लिए विदेश गए थे। फरवरी 2019 में भारतीय एजेंट के माध्यम से मर्चेंट नेवी की नौकरी करने दुबई जाने वाले पांच युवकों में प्रणव के साथ महाराष्ट्र के दो युवक उत्तराखंड और तमिलनाडु के एक-एक युवक शामिल थे।

ड्रग्स तस्करी के झूठे केस में गए जेल
जॉब के दौरान ही 21 फरवरी 2020 को ईरानियन अथॉरिटी ने सभी ग्रुप मेंबर्स को ड्रग तस्करी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था। 400 दिन जेल में रहने के बाद 9 मार्च 2021 को इराक न्यायालय के चाबहार कोर्ट ने पांचों युवक को निर्दोष मानते हुए बरी कर दिया। साथ ही इनका वैध कागजात उपलब्ध कराते हुए इन्हें भारत भेजने का आदेश पारित किया। लेकिन ईरान सरकार के अधिकारियों द्वारा कागजात उपलब्ध नहीं कराए जाने से सभी लोग इराक में फंसे हुए हैं।



Leave a Reply