मसौढ़ी के बेर्रा बराज से वर्ष 2022 की खरीफ सीजन में मसौढ़ी और धनरुआ प्रखंड के 50 से अधिक गांवो के लगभग 13 हजार विगहा खेत को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी. किसानों के 40 वर्षों पुरानी मांग पूरी होगी. 43 करोड़ की लागत से बराज का निर्माण हो रहा है. इसी साल कार्य पूरा होना था परंतु कोरोना काल के कारण प्रगति धीमी रही. ये बातें पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री और भाजपा सांसद राम कृपाल यादव ने दरधा नदी पर निर्माणाधीन बेर्रा बराज का निरीक्षण करते हुए कहा.
निरीक्षण के दौरान सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता राजकुमार सिन्हा ने सांसद को बताया कि सिविल कार्य पूर्ण हो गया है. मैकेनिकल कार्य बाकी है. बराज में गेट लगाने का कार्य शुरू हो चुका है जो अगले पांच या छह महीने में पूर्ण हो जाएगा. नहर के रेवां लाइन में जमीन की समस्या है. जिसके लिए प्रशासनिक कार्रवाई चल रही है. सांसद ने कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि बराज से निकली नहरों की गहराई मापदंड के अनुसार होनी चाहिए. नहरों की सफाई कराई जाय. वन विभाग की मदद से नहरों के किनारे वृक्ष भी लगवाएं
सांसद ने कहा कि बराज निर्माण में गुणवत्ता से कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. गुणवत्ता खराब होने पर कड़ी कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी. मौके पर प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रणधीर यादव, ज़िला मंत्री अभिमन्यु पटेल, गौतम मुखिया, मंडल अध्यक्ष संजय केशरी, राकेश, विनोद यादव, कारू सिंह, विजय प्रसाद, अशोक साव, नागा यादव, विकास सहित कई लोग उपस्थित थे.




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