राजधानी पटना के स्कूलों में कोरोना के साथ अब डेंगू का खतरा है। यहां बिना साफ-सफाई के ही स्कूल खोल दिए गए हैं। 50 प्रतिशत से अधिक सरकारी स्कूलों में जल जमाव होने से डेंगू और मलेरिया का खतरा है। इन स्कूलों में न तो दवा का छिड़काव कराया गया है और न ही जल निकासी की व्यवस्था की गई है।
भास्कर की पड़ताल में यह बात सामने आई है कि 3 माह से बंद स्कूलों में दवाओं का भी छिड़काव नहीं किया गया है। पहले चरण में कोरोना का संक्रमण कम होने के बाद जब स्कूल खुले थे तो जिला प्रशासन की तरफ स्कूलों में दवा का छिड़काव करने का आदेश दिया गया था। इसके बाद नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की तरफ से व्यवस्था बनाई गई थी, लेकिन दूसरी लहर के बाद जब स्कूल खुले तो पहले की तरह दवाओं का छिड़काव नहीं कराया गया है।
सरकारी स्कूलों में जल निकासी की समस्या
सरकारी स्कूलों में सबसे बड़ी समस्या जल निकासी को लेकर है। पटना में 25 से अधिक ऐसे सरकारी स्कूल हैं, जहां जल निकासी का कोई इंतजाम नहीं है। बरसात में जल जमाव हो जाता है। इस बार समस्या और बढ़ गई है, क्याेंकि कोरोना के साथ डेंगू और मलेरिया का खतरा है। पटना के राजीव नगर, दीघा, शास्त्री नगर, पुनाईचक, राम कृष्णा नगर, बैरिया, संपतचक, फुलवारी, बेउर, पटेल नगर, अशोक राजपथ इलाके में स्थित सरकारी स्कूलों में जल निकासी की समस्या है। बरसात का पानी अभी भी कई स्कूलों में लगा हुआ है, जिससे संक्रमण का खतरा बना है।
डेंगू मलेरिया का खतरा बढ़ाकर ठेकेदार फरार
पटना के मिलर हाई स्कूल में तो ठेकेदार डेंगू मलेरिया का खतरा बढ़ाकर फरार हो गया है। अब बच्चों के साथ अध्यापक व अन्य स्टाफ भी इससे डरे हैं। स्कूल में कोरोना काल में विधायक निधि से काम कराया गया था। इस दौरान ठेकेदार ने जमकर मनमानी की। काम सही ढंग से नहीं किया गया, जिससे स्कूल का स्लोब बाहर से नीचा हो गया। इस कारण से पानी बाहर निकलने के बजाए अंदर ही जमा हो जा रहा है। इससे बरसात का सारा पानी स्कूलों में जमा हो गया है। जल निकासी नहीं होने के कारण पानी स्कूलों में जहां बच्चों का क्लास रूम हैं, वहां आसपास फैला है। इससे बच्चों को डेंगू के साथ मलेरिया व अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा है।
स्कूल के प्रिंसिपल डॉ आजाद चंद्र शेखर का कहना है कि ठेकेदार की मनमानी के कारण समस्या हुई है। इससे डेंगू का खतर है। इसकी शिकायत की गई है और अब अपने स्तर से सफाई कराई जा रही है। प्रिंसिपल का कहना है कि दवा का छिड़काव भी नहीं कराया गया है, इस कारण से डेंगू और मलेरिया का डर लगता है।

जल निकासी नहीं होने के कारण स्कूलों में जहां बच्चों का क्लास रूम है, वहीं आसपास पानी फैला हुआ है।

जिला प्रशासन की मनमानी भारी
प्राइवेट स्कूलों के आसपास भी पटना में पानी भरा है। दीघा क्षेत्र में कई बड़े प्राइवेट स्कूल हैं और यहां जल जमाव है। स्कूलों के आसपास जल जमाव होने के कारण संक्रमण का खतरा है। इसके बाद भी जिला प्रशासन गंभीर नहीं है। पटना में जब यह हाल है तो ग्रामीण क्षेत्रों का हाल क्या होगा इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। बिहार में बाढ़ की भी समस्या है। ऐसे में स्कूल खोले गए हैं। इसके बाद भी प्रशासन की तरफ से जल निकासी और दवा का छिड़काव नहीं कराया जाना खतरा बन सकता है।




Leave a Reply