जिले में बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाएं रखें। प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य तेजी से चलाए जाएं। इसकी मॉनीटरिंग भी लगातार करते रहें। ये निर्देश डीएम प्रणव कुमार ने जिले में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा में दिए। उन्होंने कहा, आपदा की स्थिति में कोताही पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रखंडों में चल रहे सामुदायिक रसोईघरों का समय-समय पर निरीक्षण करना सुनिश्चित करें। निरीक्षण की रिपोर्ट भी उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि सामुदायिक रसोई में समय पर भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित हो। साथ ही भोजन की गुणवत्ता में शिकायत पर संबंधित पर कार्रवाई की जाए। प्रभावित क्षेत्रों में नावों का परिचालन, पॉलीथिन शीट््स की उपलब्धता एवं वितरण, मेडिकल कैंप, पशु कैंप, सूखा राशन पैकेट वितरण, मुख्य बांधों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। बैठक में डीडीसी, अपर समाहर्ता समेत सभी वरीय प्रभारी पदाधिकारी मौजूद थे।

जिले की 83 पंचायतों की ढाई लाख से अधिक आबादी प्रभावित
आपदा प्रशाखा द्वारा बताया गया कि जिले के 10 प्रखंड की 83 पंचायत बाढ़ से प्रभावित है। इसमें 11 पूर्ण एवं 72 आंशिक रूप से प्रभावित है। जिले की दो लाख 67 हजार 559 आबादी प्रभावित है। राहत एवं बचाव कार्य किए जा रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में सरकारी और निजी मिलाकर कुल 249 नावें चलाई जा रही हैं। 117 सामुदायिक रसोईघर चलाए जा रहे हैं। आठ स्वास्थ्य केंद्र तथा 39 पशु कैंप चल रहे हैं।

गंडक और बागमती के जलस्तर में कमी
बताया गया कि गंडक और बागमती नदी के जलस्तर में कमी आई है। दोनों खतरे के निशान से नीचे बह रही है। पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है । बूढ़ी गंडक का जलस्तर 53.52 मीटर के साथ खतरे के निशान से ऊपर है, मगर स्थिर है। हालात नियंत्रण में है।

डीएम की अपील, बच्चों को नदी किनारे नहीं भेजें
डीएम ने कहा कि प्रशासन सजग है सतर्क है और हालात पर नजर बनाए हुए हैं। जिलावासियों से अपील की कि बच्चों को नदियों के किनारे नहीं भेजें। नदियों में स्नान करने के लिए नहीं भेजें। इससे हादसा हो सकता है। लोग सतर्क और सावधान रहें, अफवाहों से बचें।



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