मुजफ्फरपुर नगर निगम की राजनीति में एक सप्ताह से खलबली मची हुई है। बार-बार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। कब-क्या होगा, कुछ भी कहना मुश्किल है। पार्षदों का खेमा तीन गुटों में बंटा हुआ है। कौन किसकी तरफ है, ये भी कहना मुश्किल है। सोमवार यानी आज के दिन निगम की राजनीति में दिलचस्प मोड़ आने वाला है। देखने वाली बात होगी कि मेयर की कुर्सी बचती है या गिरती है। अगर गिरती है तो शहर के नए मेयर कौन होंगे? इसका फैसला आज शाम तक हो जाएगा।
सूत्रों की माने तो आज मेयर के खिलाफ पार्षद का एक खेमा नगर विधायक के समक्ष अविश्वास प्रस्ताव सौंपेगा। अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए जितने पार्षदों की ज़रूरत है, अगर उतना पूरा हो गया तो कुर्सी नहीं बचेगी।



कयासों के बावजूद रविवार देर शाम तक स्पष्ट नहीं हो सका कि अविश्वास प्रस्ताव किसके खिलाफ दिया गया है।
फिर कौन होगा इस पद का प्रबल दावेदार
एक पार्षद के नाम की चर्चा जोरशोर से चल रही है। वह इन दिनों काफी सक्रिय भी हैं। अपने पक्ष में पार्षदों को मनाने में भी लगे हैं। इन सभी कयासों पर शाम तक मुहर लग जाएगी।

मेयर-डिप्टी मेयर के विरोधी खेमे अपने-अपने दावे ठोंक रहे
बीते एक सप्ताह से कयास लगाया जा रहा था कि मेयर सुरेश कुमार के खिलाफ रविवार को अविश्वास प्रस्ताव आएगा। लेकिन, हुआ ठीक इसका उल्टा। रविवार को दिनभर निगम की राजनीति गर्म रही। देर शाम तक स्पष्ट नहीं हो सका कि अविश्वास प्रस्ताव किसके खिलाफ दिया गया है।
हालांकि पार्षदों के एक खेमे ने मेयर को डिप्टी मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव सौंप दिया है। लेकिन, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। मेयर और डिप्टी मेयर दोनों का विरोधी पार्षद खेमा अपना दावा ठोंकता दिख रहा है। दोनों गुट द्वारा कहा जा रहा है कि अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए जितने पार्षदों की ज़रूरत है, उतने से हस्ताक्षर करा लिया गया है।



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