किशनगंज के कोचाधामन थाना क्षेत्र अंतर्गत बिशनपुर गांव में उस समय दहशत फैल गई जब एक ही घर से बड़े कोबरे के साथ उसके 42 बच्चे एक-एक कर निकलने लगे। मुर्गी के शेड के पास गई महिला ने बड़े कोबरे को अंडा खाते देखा तो उसके तो होश ही उड़ गए। वह दहाड़ मार कर रोने-चिल्लाने लगी। सांप-सांप की आवाज सुनकर आस-पास के लोग दौड़े आए तो उन्होंने देखा कि बड़ा कोबरा मुर्गी के अंडे खा रहा है। इसके बाद तो इलाके में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। लोग संपेरे को बुलाने के लिए भागे। इसके बाद भवानीगंज से संपेरा आया और कोबरे के साथ 42 बच्चों को भी पकड़ लिया। इस दौरान गांव में डर के मारे लोगों की हालत खराब थे।



कोबरा के बच्चे।
कोचाधामन के बिशनपुर निवासी मुन्नवर परवेज ईल्मी ने बताया कि उनकी पत्नी रविवार दोपहर को अपने घर में मुर्गी के शेड के पास गई, जहां उसने एक बड़े कोबरे को मुर्गी का अंडा खाते हुए देख लिया। वह अपना फन उठा चुका था, जिसके बाद वह चिल्ला कर शेड से बाहर की ओर भागी। चीख-पुकार सुनकर उनके घर के पास ग्रामीण बड़ी संख्या में एकत्रित होने लगे। इसके बाद एक साबिर नाम के संपेरे को भवानीगंज से बुलाया गया और घर में मौजूद सांपो को खोज-खोज कर पकड़ा गया। इसके बाद इन्हें वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया।


कोबरा मिलने के बाद ग्रामीणों की भीड़ लग गयी।
संपेरा ने बताया कि एक बड़े कोबरे के अलावा घर से 42 कोबरे के बच्चे को पकड़ा गया है। घटना से क्षेत्र में भय और दहशत फैल गई है और लोग यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि घर में खासतौर पर बच्चों का खास ध्यान रखा जाए। वहीं लोगों ने बताया कि बरसात का मौसम आते ही जहरीला सांप सूखा और सुरक्षित स्थान देखकर जलावन घर या आवासीय घर के किसी कोने में डेरा जमा देते हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में सांप जब घर में छुपते हैं तो उन्हें आसानी से मुर्गी के चूजे और अंडे भोजन के लिए मिल जाते हैं । बिशनपुर गांव से पिछले वर्ष भी दर्जनों सांप को पकड़ा गया था।



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