शहर में बूढ़ी गंडक नदी तट से सटे इलाकों समेत मुशहरी, साहेबगंज, पारू, मीनापुर, कटरा, औराई, गायघाट इलाके में आई बाढ़ के कारण हाहाकार की स्थिति है। जान बचाने के लिए लोग घर की छतों और बांध व अन्य ऊंचे स्थानों पर दिन-रात काट रहे हैं। बूढ़ी गंडक के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से बाढ़ का पानी शहर के निचले हिस्सो के घरों में घुस रहा है। लोग ऊंचे स्थान एव बांध पर शरण ले रहे हैं। सिकंदरपुर, बालूघाट, लकड़ीढ़ाई , छींट भगवतीपुर, कन्हौली सहित अन्य इलाके में बड़ी संख्या में लोगों के घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। बाड़ा जगन्नाथ पंचायत के वार्ड-12,13 एवं 14 के एक हजार घरों में बाढ़ का पानी भर गया है। इसी पंचायत के वार्ड-8,9,10,11 के अधिकतर घरों में भी इसी तरह के हालात हैं। कन्हौली व छींट भगवतीपुर बांध पर शरण लिए हुए बाढ़ पीड़ितों ने कहा कि घरों में पानी घुस गया है।


सारा सामान पानी में भींग कर बर्बाद हो गया। सिर्फ बर्तन, गैस सिलेंडर व कपड़ा ही बचा पाए हैं। लेकिन, बांध पर भी लोगों की समस्या कम नहीं है। यहां सबसे ज्यादा समस्या लोगों को शौचालय व पीने के पानी को लेकर झेलनी पड़ रही है। इधर, बालूघाट के सूरज नगर में 100 से अधिक घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। बाढ़ में फंसे लोगों को मोहल्ले के युवा थर्मोकोल के नाव के सहारे निकाल रहे हैं। मुन्ना कुमार ने बताया कि अब तक 50 लोगों को निकाल चुके हैं।

बाढ़ पीड़ितों ने प्लास्टिक वितरण में भेदभाव का लगाया आराेप, हंगामा :
गायघाट | बरूआरी पंचायत के बाढ़ पीड़ितों ने प्लास्टिक वितरण में भेदभाव को लेकर अंचल कार्यालय पर जमकर हंगामा किया व राजस्व कर्मचारी पर भेदभाव का आरोप लगाया। शुक्रवार काे मुजफ्फरपुर-दरभंगा एनएच -57 पर अपना आशियाना बनाए कुछ बाढ़ पीड़ितों को अंचल कार्यालय बुलाकर प्लास्टिक दिया गया। वितरण की खबर सुनकर बाढ़ पीड़ितों की भीड़ उमड़ पड़ी व सभी राजस्व कर्मचारी से प्लास्टिक देने की मांग करने लगे। बाढ़ पीड़ित महिलाओं की भीड़ ने घेर लिया। पीड़ित महिलाओं का आरोप था कि कुछ लोगों को प्लास्टिक दिया गया है, हमलोगों को वंचित कर दिया गया है।



Leave a Reply