नई दिल्ली. अगर आप सस्ते में सोना खरीदना (Gold Price) चाह रहे हैं या फिर सोने में निवेश (Gold investment) करने की सोच रहे हैं तो आपको सोमवार से शानदार मौका मिलने जा रहा है. दरअसल, 12 जुलाई से सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम 2021-22 की चौथी सीरीज ( Sovereign Gold Bond Scheme 2021-22 – Series IV) की बिक्री शुरू हो रही है. यह बिक्री 16 जुलाई तक चलेगी. रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, इस सीरीज में प्रति ग्राम गोल्ड की कीमत 4,807 रुपये तय किया गया है. बता दें कि Sovereign Gold Bond आरबीआई (RBI) सरकार की ओर से जारी करता है. ऐसे में अगर आप निवेश करने की सोच रहे हैं तो आइए जानते हैं इसके बारे में डिटेल्स…
ऑनलाइन खरीदने पर मिलेगी छूट
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड 2021-22 की चौथी किश्त सोमवार से पांच दिनों के लिए सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगी. RBI के मुताबिक, बॉन्ड के लिए अगर आप ऑनलाइन आवेदन करते हैं तो आपको प्रति ग्राम 50 रुपये की छूट मिलेगी. यानी ऐसे निवेशकों के लिए एक ग्राम गोल्ड बॉन्ड की कीमत 4,757 रुपये होगी.
जानें कहां खरीद सकेंगे बांड?
मंत्रालय के मुताबिक, यह बांड सभी बैंकों, स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (SHCIL), डाकघर और मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों (Stock Exchanges), NSE और BSE के माध्यम से बेचे जाएंगे. बता दें कि स्माल फाइनेंस बैंक और पेमेंट बैंक में इनकी बिक्री नहीं होती है.
जानें कितना कर सकते हैं निवेश?
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम में एक वित्त वर्ष में एक व्यक्ति अधिकतम 4 किग्रा सोने के बॉन्ड खरीद सकता है. वहीं न्यूनतम निवेश एक ग्राम का होना जरूरी है. वहीं, ट्रस्ट या उसके जैसी संस्थाएं 20 किग्रा तक के बॉन्ड खरीद सकती हैं. बता दें आवेदन कम से कम 1 ग्राम और उसके मल्टीपल में जारी होते हैं. बॉन्ड का प्राइस इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन लि. (IBJA) द्वारा दी गई 999 शुद्धता वाले गोल्ड के औसत क्लोजिंग प्राइस के आधार पर तय किया गया है.
जानें क्या है सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड?
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड एक सरकारी बॉन्ड होता है. इसे डीमैट रूप में परिवर्तित कराया जा सकता है. इसका मूल्य रुपए या डॉलर में नहीं होता है, बल्कि सोने के वजन में होता है. यदि बॉन्ड पांच ग्राम सोने का है, तो पांच ग्राम सोने की जितनी कीमत होगी, उतनी ही बॉन्ड की कीमत होगी. यह बॉन्ड RBI सरकार की ओर से जारी करता है. सरकार ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना नवंबर 2015 में शुरू की थी.
क्यों है सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश फायदेमंद?
>> मेच्योरिटी पर सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड टैक्स फ्री होता है.
>> केंद्र सरकार समर्थित होने के कारण डिफॉल्ट का जोखिम नहीं है.
>> फिजिकल गोल्ड के बजाय गोल्ड बांड को मैनेज करना आसान होता है.
>> इसमें प्योरिटी का कोई झंझट नहीं होता और कीमतें 24 कैरेट गेाल्ड के आधार पर तय होती हैं.
>> इसमें एग्जिट के आसान विकल्प हैं. गोल्ड बांड के अगेंस्ट लोन की सुविधा मिलती है.
>> इसका मैच्योरिटी पीरियड 8 साल होता है. साथ ही 5 साल बाद बेचने का विकल्प मिल जाता है.




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