नेपाल में हो रही बारिश के कारण सभी नदियां उफान पर हैं. जिले से गुजरने वाली तीनों नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर चुकी है. बागमती और गंडक पहले से ही खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, तो बूढ़ी गंडक नदी ने भी अब खतरे के निशान को पार कर दिया है. बाढ़ का पानी शहर के निचले इलाकों में घुस गया है. लोग ऊंचे स्थान पर शरण लेने को मजबूर हैं. शहर के अखाड़ा घाट,आश्रम घाट में पानी घुस जाने से लोग ऊंचे स्थान पर शरण ले रहे हैं. लोगों का कहना है कि जैसे-तैसे रहने को मजबूर है. लेकिन जिला प्रशासन कोई व्यवस्था नहीं कर रहा है.
इधर सीएम नीतीश कुमार ने बाढ़ग्रस्त पांच जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया. उत्तर बिहार के मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, समस्तीपुर, झंझारपुर, और अररिया जिलों का उन्होंने सर्वे किया. इस दौरान जल संसाधन मंत्री संजय झा भी मौजूद रहे.
इन जिलों में नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से कई फीट उपर बह रही है. जिससे लोगों के घरों तक डूब गए हैं. उत्तर बिहार के कई जिलों में बाढ़ ने तांडव मचाना शुरू कर दिया है. उत्तर बिहार की सभी नदियां उफान पर हैं. बाढ़ से लोगों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं.
सीएम नीतीश ने बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों के बारे में कहा कि जुलाई महीने में इतना पानी का होना आश्चर्यचकित करता है. पहले इस तरह की स्थिति अगस्त और सितंबर महीने में होती थी. आज मैंने बिहार के 5 जिलों का दौरा किया. वहां की स्थिति का हवाई सर्वेक्षण किया. कल यानी गुरूवार को 3 अन्य जिलों का दौरा करूंगा. इसके बाद अधिकारियों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा.




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