मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर से जनता दरबार शुरू करने वाले हैं. 12 जुलाई से सीएम नीतीश जनता दरबार की शुरुआत करेंगे. उसके बाद प्रत्येक सोमवार को जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम शुरू किया जाना प्रस्तावित है. कैबिनेट सचिवालय ने 5 जुलाई को तैयारी को लेकर सभी प्रमंडलीय आयुक्त और जिलाधिकारी को पत्र भेजा है.
पत्र में कहा गया है कि 12 जुलाई से प्रत्येक सोमवार को जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम शुरू किया जाना प्रस्तावित है. कोविड-19 के मद्देनजर इस कार्यक्रम के संचालन के लिए संचालन प्रक्रिया विकसित की गई है. मुख्य सचिव ने जनता दरबार के संचालन को लेकर आज बैठक की है. बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह, डीजीपी एवं मुख्यमंत्री सचिवालय के प्रधान सचिव एवं अन्य अधिकारी भाग लिए. इसके अलावे इस बैठक में सभी जिलों के डीएम, प्रमंडलीय आयुक्त, आईजी, डीआईजी और एसपी भी जुड़े.
गौरतलब है कि जनता दरबार में बड़ी संख्या में लोगों के आने की संभावना को देखते हुए बड़ा शेड बनाया जा रहा है. जनता के दरबार में अधिकारियों और विभिन्न कर्मियों के भी बैठने की व्यवस्था होगी. लोगों के लिए पीने का पानी और शौचालय भी बनाये जा रहे हैं. दरअसल, मुख्यमंत्री का मानना है कि जनता दरबार में आने वाले लोगों से सरकार के कामकाज की फीडबैक मिलती है. साथ ही कई प्रकार की समस्याओं की जानकारी भी मिलती है.
आपको बता दें, कि इस बार भी जनता दरबार पहले की तरह ही सोमवार के दिन आयोजित हो रही है. इस दिन आम जनता अपनी समस्या की शिकायत डायरेक्ट सीएम नीतीश कुमार के सामने कर सकते है. इस दरबार में सीएम के अलावा अलग-अलग दिन पर अलग-अलग विभाग के बड़े अधिकारी मौजूद रहेंगे. पहले यह जनता दरबार एक अणे मार्ग में आयोजित की जाती थी. यह जनता दरबार करीब 2006 से लेकर 2016 तक इसी जगह पर आयोजित किया गया. फिर जनता की शिकायत को हल करने के लिए लोक शिकायत निवारण अधिकार कानून लागू कर दिया गया. जिससे जनता दरबार बंद हो गया.

Input: LiveCities



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