Repoted by Deepak
बागमती के बढ़ते जलस्तर से गायघाट में परेशानी बढ़ गई है। प्रखंड के दर्जनो से अधिक गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। क्षेत्र के 25 हजार से अधिक की आबादी घिर गए हैं। करीब हजारों एकड़ में लगातार बागमती के बढ़ते जलस्तर से क्षेत्र में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया है। लोगों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। 2020 में आई भयावह बाढ़ का डर सताने लगा है। बढ़ते जलस्तर से जहां किसानों की फसल में मक्का, धान की बीजे, बाजरा सहित रोज नकदी फसल (सब्जी) के डूब जाने से किसानों के सामने आर्थिक समस्या उत्पन्न होने लगी है। साथ ही इलाके के किसान पशु पर आधारित रहते हैं। उनके सामने पशुचारे की समस्या उत्पन्न हो गई है। जान जोखिम में डालकर पशुचारा को काटने के लिए विवश है।कई गांव में डूब गई फसलें ।वहीं पंचायत की वार्ड सदस्य शुशील कुमार सिंह, कुनाल कुमार सिंह, संतोष सिंह ने बताया कि बागमती के बढ़ते जलस्तर के कारण नदी का भी जलस्तर बढ़ने लगा है। जिससे आसपास के बरूआरी, लदौर, जमालपुर कोदई, केवटसा, बलौर निधि पंचायत के दर्जनो गांव समेत क्षेत्र की फसलें डूब गई है।
मवेशी के लिए किसान पानी में तैरकर काट रहे चारा
प्रभावित किसानों ने बताया कि बाढ़ से पशुओं के लिए खेतों में लगी फसल एवं पशुचारा डूब जाने से भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ की विभिषिका झेल रहे पीडि़त को सिर्फ ईश्वर ही एकमात्र सहारा है। जिला प्रशासन के एक भी अधिकारी प्रभावित इलाके में झांकने तक नहीं आए हैं। पूर्व मुखिया अनूठा सिंह ने बताया कि बाढ़ का पानी फैलने लगा है। इससे सैकड़ो परिवार के बीच परेशा’नी बढ़ने लगी है।




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