गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से लगातार बारिश हो रही है। इस बीच नेपाल द्वारा बुधवार को वाल्मीकिनगर बराज से छोड़े गए ढाई लाख क्यूसेक पानी के शुक्रवार की रात पानापुर पहुंचने की संभावना है। इस बीच गंडक नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से सारण तटबंध के निचले इलाकों में बसे पृथ्वीपुर, सलेमपुर सोनवर्षा, बसहिया, उभवा सारंगपुर, रामपुररुद्र 161 आदि गांवों के सैकड़ों परिवार दहशत में हैं।
पिछले महीने की शुरुआत में ही बाढ़ की विभीषिका झेल चुके लोग एक बार फिर विस्थापन की तैयारी में हैं। जलस्तर में हो रही वृद्धि के कारण बसहिया ढाला के समीप कटाव जारी है, जिससे ग्रामीण सारण तटबंध की सुरक्षा को लेकर सशंकित हैं।
बाढ़ नियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता विनोद कुमार ने बताया कि नेपाल द्वारा छोड़ा गया पानी शुक्रवार की रात पानापुर की सीमा से गुजरेगा। उन्होंने बताया कि कटावरोधी कार्यों के कारण कटाव में कमी आई है।नेपाल द्वारा छोड़ा गया ढाई लाख क्युसेक पानी आसानी से निकल जाएगा। हालांकि हर स्थिति से निबटने के लिए विभाग सजग है। उन्होंने बताया कि सारण तटबंध को फिलहाल कोई ख’तरा नहीं है। तेज धारा और कटाव को लेकर सारण जिले के उत्तरांचल में गंडक नदी के तटबंधों के पास रहने वाले ग्रामीण सशंकित हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार नेपाल द्वारा छोड़े गए पानी का सीधा असर गंडक के तटबंध पर पड़ता है, जिससे टू’टने का खतरा बना रहता है।





Leave a Reply