ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर भूगोल विभाग में व्यापक आपदा प्रबंधन विषय पर एनआईडीएम गृह मंत्रालय के संयोजन में संचालित एक दिवसीय वेबिनार का आयोजन किया गया । कार्यक्रम में भूगोल विभाग के शिक्षकों सहित 570 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण करा भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने आपदा प्रबंधन में जिला प्रशासन की भूमिका एवं संस्थागत संरचना , सामुदायिक भागीदारी तथा किसान फसल योजनाओं पर व्याख्यान दिया। कहा कि जिले में बाढ़ से निपटने की तैयारी शुरू है । पिछले वर्ष बाढ़ के दौरान छह लाख 28 हजार परिवारों को डायरेक्ट फंड ट्रांसफर के द्वारा लाभान्वित किया गया था । समन्वयक डॉ. मनु राज शर्मा ने आपदा प्रबंधन के विषय में प्रकाश डाला तथा सभी प्रतिभागियों को इसके महत्व, उ’च शिक्षण संस्थानों की भूमिका तथा प्रधानमंत्री के आपदा संबंधी 10 बिंदु एजेंडे पर महत्वपूर्ण जानकारी दी । कार्यक्रम की अध्यक्षता एनआईडीएम के प्रो. शेखर चतुर्वेदी ने की। मिथिला विवि के कुलपति प्रो. सुरेंद्र प्रताप ङ्क्षसह ने छात्रों की भारी संख्या में सहभागिता पर हर्ष व्यक्त किया तथा विभाग की अनुशंसा की । उन्होंने आपदा में मानवीय पहलू तथा तकनीकी प्रयोग पर व्याख्यान दिया। विश्वविद्यालय की प्रतिकुलपति प्रो. डोली सिन्हा ने राष्ट्रीय सेमिनार के आयोजन के लिए विभाग से प्रयास की सराहना की तथा इससे छात्रों के अधिकाधिक लाभान्वित होने की बात कही। कार्यक्रम के पहले तकनीकी अधिवेशन में विक्रम गुर्जर गुर्जर ने ह्योगो फ्रेमवर्क, एजेंडा 2030, जीसी पंत कमेटी तथा प्रधानमंत्री द्वारा गठित परामर्श कमेटी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दूसरे तकनीकी अधिवेशन में एनडीआरएफ के युवा प्रोफेशनल अरुण वर्मा ने कुर्ला से संबंधित तथ्यों तथा बचाव पर व्याख्यान दिया। धन्यवाद ज्ञापन भूगोल विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार ने दिया । कार्यक्रम के दौरान डॉ. अनुरंजन तथा डॉ. गौरव सिक्का की सक्रिय भूमिका दिखी ।





Leave a Reply