मानसून की दस्तक के साथ तेज बारिश से बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर बढ़ रहा है. इस कारण शहर से सटे सिकंदरपुर, अखाड़ाघाट इलाके में बूढ़ी गंडक नदी के निचले हिस्से में पानी प्रवेश कर रहा है. इससे करीब पांच सौ झोपड़ी पर खतरा मंडराने लगा है.हालांकि बूढ़ी गंडक अभी भी खतरे के निशान से नीचे बह रही है लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण जल स्तर में भारी वृद्धि हो रही है.
विभाग की ओर से अ’लर्ट जारी होने के बावजूद शहरी क्षेत्र से जुड़े बांध की मरम्मत नहीं हो सकी है. दादर, कुंडल से लेकर सिकंदरपुर और चंदवारा तक बांध जगह-जगह धंसकर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं. लगातार हो रही बारिश के बाद बांध की स्थिति और जर्जर होती जा रही है. जिसकी वजह से शहर पर खतरा मंडराने लगा है.
वहीं, पिछले साल अहियापुर के निकट विजय छपरा में बूढ़ी गंडक का रिंग बांध कट गया था जिसके कारण भारी तबाही मची थी. इस बार उस जगह की मरम्मती हो गई है, लेकिन पूरे बांध की मरम्मती ही ना होने की वजह से लोगों में दहशत का माहौल है. लोगों का कहना है कि बांध कभी भी टूट सकता है जिससे कारण तबाही मच सकती है. सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही है. जिला प्रशासन के द्वारा दावा किया जा रहा है की तैयारियां पूरी कर ली गई है. किसी भी चुनौती से निपटने के लिए जिला प्रशासन मुस्तैद है.


Input: LiveCities



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