Breaking NewsNational

सचिन-सहवाग ने दी मिल्खा सिंह को श्रद्धांजलि, ट्विटर पर उठी भारत रत्न देने की मांग

नई दिल्ली. महान फर्राटा धावक मिल्खा सिंह (Milkha Singh) के निधन के साथ एक युग के अंत पर पूरे देश ने शोक जताया. कोरोना संक्रमण से एक महीने तक जूझने के बाद मिल्खा सिंह का चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर में कल रात निधन हो गया. इससे एक सप्ताह पहले उनकी पत्नी और भारतीय वॉलीबॉल टीम की पूर्व कप्तान निर्मल कौर का भी निधन हो गया था. 91 साल के मिल्खा सिंह के निधन पर खेल जगत में शोक की लहर है. सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, कपिल देव, सानिया मिर्जा, हरभजन सिंह समेत कई प्रमुख हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है. इसके अलावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर ‘भारत रत्न’ ट्रेंड हो रहा है. ट्विटर पर लोग मिल्खा सिंह को देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न देने की मांग कर रहे हैं.

लिटिल मास्टर सचिन तेंदुलकर ने मिल्खा सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, ”फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह जी आपकी आत्मा को शांति मिले. आपके जाने से देश के दिल में एक खालीपन पैदा हो गया है. आप हमेशा ही आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देते रहेंगे.” सहवाग ने कहा, ”महान व्यक्ति मिल्खा सिंह हमें छोड़कर चले गए. लेकिन मिल्खा सिंह बहादुरी का सिंबल बनकर हमेशा हमारे दिल में जिंदा रहेंगे. वो क्या शख्सियत थे. मिल्खा सिंह के परिवार के साथ मेरी संवेदनाएं हैं.”

भारतीय खेल प्राधिकरण ने ट्वीट किया, “राष्ट्रमंडल खेल और एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता मिल्खा सिंह के नाम 400 मीटर का राष्ट्रीय रिकॉर्ड 38 साल तक रहा. उनके परिवार और उन लाखों लोगों के प्रति संवेदना जिन्हें उन्होंने प्रेरित किया.”

पीएम मोदी बोले-बहुत बड़ा खिलाड़ी खो दिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, “मिल्खा सिंह जी के निधन से हमने एक बहुत बड़ा खिलाड़ी खो दिया जिनका असंख्य भारतीयों के ह्रदय में विशेष स्थान था. अपने प्रेरक व्यक्तित्व से वे लाखों के चहेते थे. मैं उनके निधन से आहत हूं.” उन्होंने आगे लिखा, “मैंने कुछ दिन पहले ही श्री मिल्खा सिंह जी से बात की थी. मुझे नहीं पता था कि यह हमारी आखिरी बात होगी. उनके जीवन से कई उदीयमान खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी. उनके परिवार और दुनिया भर में उनके प्रशंसकों को मेरी संवेदनायें.”

भारतीय खेल जगत ने भी इस प्रेरणादायी खिलाड़ी को श्रृद्धांजलि दी. ट्रैक को अलविदा कहने के बाद भी भारतीय खेलों पर उनकी नजर हमेशा बनी रही. गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारतीय खेलों के सबसे चमकते सितारों में से एक चला गया. उन्होंने कहा, “महान फर्राटा धावक फ्लाइंग सिख श्री मिल्खा सिंह जी के निधन से भारत में शोक है. उन्होंने विश्व एथलेटिक्स पर अमिट छाप छोड़ी. भारत उन्हें खेलों के सबसे चमकते सितार में से एक के रूप में सदैव याद रखेगा. उनके परिवार को मेरी संवेदनायें.”

चार बार के एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता मिल्खा ने 1958 राष्ट्रमंडल खेलों में भी पीला तमगा हासिल किया था. उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन हालांकि 1960 के रोम ओलंपिक में था जिसमें वह 400 मीटर फाइनल में चौथे स्थान पर रहे थे. उन्होंने 1956 और 1964 ओलंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया. उन्हें 1959 में पद्म श्री से नवाजा गया था.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.