Repoted by Deepak ।
बागमती बौराई तो कटरा को नाव का आसरा होगा। इस साल भी अगर बागमती बौराई तो कटरा प्रखंड का जिला मुख्यालय से संपर्क टूटना तय है। प्रखंड पर बाढ़ का खतरा इस बार दो तरफा है। एक तो कटरा-मझौली मुख्य सड़क पर भूसरा में फोरलेन से होकर गुजरना असंभव है,।जगह जगह कार्य हो रहा इसको लेकर थोड़ा बहुत असमंजस में है। दूसरे ओर बेनीवाद होकर बकुची पीपा पुल से गुजरना भी संभव नहीं होगा। यह पीपा पुल पानी का बहाव बढ़ते ही बंद हो जाएगा। इसके साथ ही कटरा का जिला मुख्यालय से सड़क संपर्क भी टूट जाएगा।
कटरा की कुल 22 पंचायत के लोग यह मान चुके हैं कि बाढ़ में बहना उनकी नियती है। पिछले साल आई बाढ़ की बर्बादी वह भूले नहीं हैं कि बाढ़ फिर सर पर दस्तक देने लगी है। बागमती का जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया है। पानी का दबाव अब भूसरा की ओर बढ़ना तय है। भूसरा में मुख्य सड़क पर बना पुल पिछले बाढ़ में ध्वस्त हो चुका है। इससे लोगों को अधिक परेशानी होती है। पुल निर्माण के लिए फाउंडेशन का काम एक साल में भी पूरा नहीं हुआ है। इस साल पुल के बनने की कोई उम्मीद भी नहीं है। पुल के ध्वस्त होने के बाद जो रिंग बांध बनाया गया है, वह भी जर्जर है। पानी का दबाव आते ही इसका टूटना आश्चर्य की बात नहीं होगी। ऐसे में जिला मुख्यालय से कटरा प्रखंड के लिए नाव का ही सहारा होगा।





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