नई दिल्ली. लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) में सत्ता को लेकर चल रही चाचा पशुपति पारस (Pashupati Paras) और चिराग पासवान (Chirag Paswan) की लड़ाई अब चुनाव आयोग तक पहुंच गई है. पार्टी पर अपनी दावेदारी पेश करने के लिए चिराग पासवान अपने समर्थकों के साथ शुक्रवार को चुनाव आयोग (Election commission) पहुंचे. चिराग खेमे ने दावा किया कि कार्यकारिणी का बहुमत उनके साथ है. बागियों ने पार्टी संविधान के खिलाफ काम किया है. उन्हें मान्यता नहीं दी जा सकती. चिराग पासवान ने कहा, ‘पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक द्वारा मुझे चुना गया था. संवैधानिक प्रक्रिया के तहत मैं ही पार्टी का अध्यक्ष हूं. अगर कोई ऐसा दावा करता है तो वो गलत है. इस मसले पर हमले केंद्रीय चुनाव आयोग को सूचित किया है. कमीशन ने हमें उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया है.’
चिराग पासवान ने कहा, ‘लोकसभा अध्याक्ष ने बिना हमारी पार्टी के संविधान के फ़ैसला देकर गलती की है. मैं लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात करूंगा और उन्हें हमारी पार्टी के संविंधान के बारे में बताएंगे. हमने 10 लोगों को पार्टी से निलंबित किया था जिसमें पांच सांसद भी हैं’.पशुपति पारस पर किया हमला
चाचा पशुपति पारस के अध्यक्ष चुने जाने पर चिराग पासवान ने कहा,’ इस मसले पर एक तस्वीर भी सामने क्यों नहीं कर रहे हैं वो लोग. हम भी देखें आखिर वो कौन-कौन से लोग थे ? ये महज अफवाहों को फैलाया जा रहा है. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को मेरी पार्टी के संविधान की जानकारी नहीं होगी. हमने उनसे कहा है वो अपने निर्णय पर दोबारा विचार करें.’
इधर, पशुपति पारस ने भी चिराग पासवान पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा,’ कल जो मेरा निर्वाचन हुआ वो सर्वसम्मति से निर्विरोध निर्वाचन हुआ. सारा डॉक्यूमेंट लेकर आए है. उसे चुनाव आयोग को भेजा है. केंद्र में मंत्री बनाना प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार है. मेरा निर्विरोध निर्वाचन हुआ है. हम लोग राम विलास पासवान के सिद्धांत से भटक गए. यह मजबूरी का स्टेप है. ये पार्टी को बचाने का स्टेप है’.




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