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प्रिंस भाई नहीं, बेटे जैसा था, कभी सोचा नहीं वो ऐसा करेगा: चिराग पासवान

दिल्ली/पटना. लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) में चल रही चाचा और भतीजे की लड़ाई के बीच बुधवार को दिल्ली में चुराग पासवान (Chirag Paswan) ने एक प्रेसवार्ता को संबोधित किया. अपने चचेरे भाई पर लगे आरोपों पर उन्होंने कहा कि मेरी जानकारी में पहली बार 8 जनवरी को ये मामला आया. उनके द्वारा लिखा एक पत्र दिया गया, जिस  पर मेरे भाई प्रिंस का नाम था. इसके बाद मैने प्रिंस और युवती दोनों से बात की. दोनों का वर्जन अलग-अलग था. मैने कहा कि आप लोग पुलिस पर जाए और ये इंवेस्टीगेशन का विषय है. मैं दुखी हुं बहुत. प्रिंस मेरा भाई नहीं बेटा जैसा था. मैने कभी सोचा नहीं था प्रिंस कभी ऐसा करेगा.

चिराग पासवान ने कहा, “कुछ समय से मेरी तबियत ठीक नहीं चल रही थी. जो घटनाचक्र घटा वो मेरे लिये भी कठिन हो रहा था. सबने देखा 8 अक्टूबर को मेरे पिता जी का निधन हुआ. उसके बात तुरंत चुनाव मे उतरने का निर्णय हुआ, मेरे लिये कठिन समय था. वो एक महीना 35 दिन का समय, वैसे सोचने का समय ही नहीं मिल पाया. चुनाव मे एलजीपी को बड़ी जीत मिली. 25 लाख वोट एलजेपी को मिला और जनता का बड़ा समर्थन मिला. हमने सिद्धांतो से समझौता नहीं किया.”चिराग पासवान का बड़ा बयान

उन्होंने कहा, “कुछ मुद्दों को लेकर हम एनडीए गठबंधन के साथ बिहार मे आगे नहीं बढ़ सके. जब पापा थे तो कुछ लोगों के द्वारा एलजेपी को तोड़ने का प्रयास हुआ. पापा जब अस्पताल में थे, मुझसे कहा और चाचा से कहा कि मीडिया में क्यों खबर आती हैं कि पार्टी टूट रही है. अगर मैं जेडीयू, बीजेपी से मिलकर चुनाव लड़ता तो मुझे सिद्दांतों से समझौता करना पड़ता और नीतीश कुमार के समाने नतमस्तक होना पड़ता. ना मैं झुका और ना समझौता किया.”

चिराग ने आगे कहा, “कुछ लोग संघर्ष के रास्ते पर चलने पर तैयार नहीं थे, उसमे मेरे चाचा ने चुनाव-प्रचार में कोई भूमिका नहीं निभाई. वीणा जी का बेटा खुद दूसरे पार्टी से चुनाव लड़ रहा था. जब चुनाव समाप्त हुए और मुझे कुछ समय चाहिये था और उसके बाद कोरोना प्रोटोकॉल लगा और फिर मुझे टाइफाइड हो गया जब मैं बीमार था और मेरे पीठ पीछे षडयंत्र रचा गया इसका मुझे दुख है. मैंने चाचा से संपर्क भी करने की कोशिश की. संवादहीनता नहीं होनी चाहिए. फिर होली के दिन मैंने उनको पत्र लिखा. उस पत्र मे यही लिखा कुछ भी है तो बात तो कीजिए आप. मैं चाचा के घर भी गया, वहां भी कोशिश की. मम्मी भी चाचा से संपर्क साधने का 15 दिन से प्रयास कर रही हैं.”

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