बिहार में मॉनसून ने अभी-अभी एंट्री मारी है. इस बार मॉनसून ने 13 वर्षों का रिकॉर्ड ब्रेक किया है. अमूमन मॉनसून के बिहार पहुंचने का 13 जून निर्धारित है. लेकिन हर साल किसी न किसी कारण से इसमें दो-तीन दिनों का विलंब हो ही जाता है. किंतु इस बार समय से पहले पहुंच कर मॉनसून ने रिकार्ड बना लिया है. मौसम विभाग की मानें तो इस बार मॉनसून की एंट्री की तरह उसकी बारिश भी रिकॉर्ड बना सकती है. मौसम विभाग ने कुछ जिलों में वज्रपात की चेतावनी दी है. कल भी सूबे में सात लोगों की मौत वज्रपात से हो गई.
दरअसल, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने शनिवार को अपराह्न बाद सूबे में एंट्री कर ली है. पूर्णिया के साथ ही दरभंगा में भी मॉनसून की रेखा एक्टिव हो गई है. देर रात तक इसे पूरे राज्य को कवर कर लेने की उम्मीद है. आज शनिवार को पटना समेत कई जिलों में सुबह से ही बारिश हो रही है. कहीं बूंदाबांदी तो कहीं झमाझम बारिश का नजारा है. इसे लेकर मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है.
बता दें कि इस बार मॉनसून ने 13 वर्षों का रिकॉर्ड ब्रेक किया है. इससे पहले 2008 में समय से पहले बिहार में मॉनसून ने एंट्री की थी. 2008 में मॉनसून की पहली बारिश 8 जून को हुई थी. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मॉनसून उत्तरी सीमा यानी दीव, सूरत, नंदुरबार, रायसेन, दमोह, बोलांगीर, भुवनेश्वर, पुरुलिया, धनबाद होते हुए बिहार के दरभंगा और पूर्व में पूर्णिया से होकर गुजर रहा है. मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को अपराह्न बाद मॉनसून की रेखा दरभंगा शहर तक पहुंच गई है. जबकि यह लगातार आगे बढ़ते हुए बिहार को कवर करेगा. अगले 24 घंटे में यह पूरे बिहार को कवर कर लेगा. खास बात कि इस बार मॉनसून ने पहले आने का रिकॉर्ड तोड़ा है और बारिश भी रिकॉर्ड तोड़ सकती है.
उधर, पटना में भी बूंदाबांदी शुरू है, जबकि दो-तीन दिनों में राजधानी में झमाझम बारिश होने लगेगी. बहरहाल, कई जिलों में दो दिनों से रुक-रुक कर बारिश हो रही है. मौसम विभाग ने सूबे के वैशाली, सारण, भोजपुर, रोहतास, खगड़िया और बेगूसराय जिलों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है. गौरतलब है कि कल पटना के फतुहा में वज्रपात से चार लोग तथा पूरे सूबे में कुल सात लोगों की मौत हुई है.





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