पटना. पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा बिहार एनडीए का हिस्सा हैं और सत्ता में भी हैं. पर वे अक्सर एनडीए की बड़ी सहयोगी पार्टी भाजपा के नेताओं को अपने निशाने पर लेते रहते हैं. हाल में ही उन्होंने सीमांचल इलाके में महादलितों पर हमले और गोपालगंज में एक दलित युवती के कथित धर्मांतरण पर भाजपा नेताओं के बयान पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी थी. मांझी ने कहा था कि दलित-मुस्लिम एकता से जिन लोगों के पेट में दर्द हो रहा है वही बिहार सरकार के अंगुली उठा रहें हैं. बिहार में कानून अपना काम कर रहा है. एक बार फिर मांझी ने भाजपा के एक कद्दावर नेता पर अनूठे अंदाज में तंज कसा है. इस बार उनके निशाने पर हैं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ.
दरअसल मांझी ने योगी आदित्यनाथ की एक तस्वीर शेयर करते हुए कमेंट किया है, ‘मुझे लगा कट्टा लेकर बैठे हैं. जूम किया तो पता चला कि टीवी का रिमोट है. इस तस्वीर में योगी आदित्यनाथ टीवी पर प्रधानमंत्री का संबोधन सुनते हुए दिख रहे हैं. उनके टेबुल पर एक पिस्तौल के सामान काले रंग की चीज दिखाई दे रही है, इसी को इंगित कर मांझी ने इशारों-इशारों में तंज किया है.

जीतन राम मांझी के योगी आदित्यनाथ पर किए गए ट्वीट का स्क्रीन शॉट.
गौरतलब है कि हाल फिलहाल ऐसी खबरें सामने आई हैं कि पीएम मोदी और योगी आदित्यनाथ के बीच अच्छे संबंध नहीं रह गए हैं. मीडिया में छप रही खबरों के अनुसार यूपी में 2022 के चुनाव के मद्देनजर भाजपा का नेतृत्व योगी आदित्यनाथ को अगले सीएम के तौर पर प्रचारित नहीं करना चाहता था. बताया जा रहा है कि इसी बात को लेकर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व और योगी आदित्यनाथ के बीच खींचतान की खबरें सामने आई हैं. शायद मांझी का यह ट्वीट उसी संदर्भ में किया गया हो सकता है.
बता दें कि जीतन राम मांझी योगी आदित्यनाथ पर पहले भी अपना मत देते रहे हैं. एक बार बिहार दौरे के दौरान उन्होंने साफ कह दिया था कि दौरे पर बिहार आए हैं तो आए कोई किसी को कहीं जाने से रोक थोड़े सकता है. मगर यहां अपने सांप्रदायिकता का जहर नहीं फैलाएं. मांझी ने यह भी कहा था कि योगी जी यहां हनुमान जी की भी बातें भी ना करें. योगी हनुमान जी को भी जाति में बांट देते हैं. बिहार में जाति-पाति और मंदिर-मस्जिद की राजनीति ना करें.

वहीं, मांझी अक्सर पीएम मोदी को लेकर भी कई बार टिप्पणी करते रहे हैं. हाल में ही उन्होंने वैक्सीनेशन के सर्टिफिकेट पर प्रधानमंत्री की तस्वीर पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि इसपर संबंधित राज्य के सीएम की भी तस्वीर होनी चाहिए. दूसरी ट्वीट में कहा – यदि प्रधानमंत्री को अपनी तस्वीर छपवाने का इतना ही शाैक है तो डेथ सर्टिफिकेट पर भी छपवा लें. इसके बाद बिहार एनडीए में खूब हंगामा बरपा था. हालांकि उसी दिन शाम में मांझी ने पीएम मोदी पर अपनी दूसरी ट्वीट डिलीट कर दी थी.
बता दें कि लालू प्रसाद यादव के जमानत पर रिहा होने के साथ ही बिहार की सियासत में हलचल है. कयास यह लगाए जा रहे हैं कि कभी भी सत्ता की बाजी पलट सकती है. दूसरी ओर कई मुद्दों पर भाजपा-जदयू आमने-सामने आ जा रहे हैं. कानून व्यवस्था से लेकर कोरोना कंट्रोल तक, कई ऐसे मुद्दे हैं जो भाजपा-जदयू की दूरी बढ़ाते हुए दिखा रहे हैं. हालांकि एनडीए के नेता किसी भी अस्थिरता से इनकार कर रहे हैं, लेकिन सवाल यह है कि अब अचानक योगी पर हमलावार मांझी की कौन सी नई राजनीतिक चाल है.



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