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#MUZAFFARPUR; ज़’हरीली मिठाइयों का कारोबार, यूरिया और वाशिंग पावडर से बनाया जा रहा था दूध, जानें…

त्योहारों के मौसम में घर-घर में मिठाई की मांग बढ़ जाने से रंगीन और खूबसूरत दिखने वाली मिठाईयां बाजार में सज गयी हैं. इन मिठाईओं के खरीददार भी हैं क्योंकि दुर्गापूजा के साथ ही दीपावली, छठ जैसे बड़े त्योहारों का मौसम शुरू हो गया है लेकिन नकली और सिन्थेटिक मिठाईयों के कारोबारी भी इसी अवसर को भुनाने में जोर शो’र से लगे हैं मुजफ्फरपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम लगातार अ’भियान चलाकर का’र्रवाई कर रही है.खाद्य विभाग की इस कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में खोया, पनीर और मिठाईयां न’ष्ट भी की गई हैं. विभाग को गु’प्त सूचना मिली थी कि करीब आठ टन नकली खोया दूसरे राज्य से इस इ’लाके में आ चु’का है इसके बाद ये कार्र’वाई की गई.’

मुजफ्फरपुर के चंद्रलोक चौक, जवाहर लाल रोड, अखाराघाट, चंदवारा इ’लाकों की तंग गलियों में इस बाहरी मिला’वटी खो’या का कारोबार चल रहा था. खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने इसी सूचना के म’द्देनजर दुकानों में अभियान चलाया. कार्रवाई के दौ’रान कई नामचीन दुकानों में भी ख’राब मिठाईयां पकड़ी गई हैं जिन्हें छा’पामा’र दस्ते नें न’ष्ट कराया .खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी सुदाामा चौधरी ने बताया कि ये का’र्रवाई लगातार जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि लुभाने वाली ये सुंदर मिठाईयां ख’तरनाक भी हो सकती है इसलिए मिठाई की खरीददारी काफी सोच समझकर ही करें.

छापामार दल नें फिलहाल बड़ी संख्या में दुकानों से नमूना इकट्ठा किया है और जांच के लिए ये नमूने पटना लैब में भेजे जा रहे हैं. विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रिपोर्ट आने के बाद का’र्रवाई की जाएगी.एक्सपर्ट बताते हैं कि बाजार में मांग बढ जाने पर कारोबारी दूध में डालडा, आरारोट, अलुआ सुथनी के साथ-साथ यूरिया, वाशिंग पा‌वडर और एसेंस मिलाकर न’कली ज’हरीला पदार्थ तैयार करते हैं जिसे खोया और मावा की शक्ल में बाजार में उतार दिया जाता है. इनसे बनी मिठाईयां जा’नलेवा होती हैं जिन्हें खाने से किडनी लीवर की बीमा’री के साथ साथ कैं’सर का भी ख’तरा है. इन दिनों स्थानीय कारोबारी खराब बेसन और साधारण रंग का भी उपयोग कर रहे हैं जो स्वास्थ्य के लिए घात’क है. ऐसे मा’मले प’कड़े जाने पर पांच लाख जु’र्माना से जे’ल तक की स’जा का प्रावधान है.

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