BIHARBreaking NewsSTATE

बिहार में वेब पोर्टल को भी मिलेंगे सरकारी विज्ञापन, वेब मीडिया नियमावली मंजूर; पांच श्रेणियों में बांटा

Repoted by PATNA

Bihar Government Cabinet Desicion सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा गठित वेब मीडिया नियमावली को मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में स्वीकृति दी गई। नियमावली गठन के साथ ही वेब पोर्टल को सरकारी विज्ञापन प्राप्त होने का रास्ता साफ हो गया है। बदलते दौर में अखबारों और टीवी चैनलों के बीच वेब पोर्टल का महत्व भी काफी बढ़ा है। सरकार ने माना है कि तकनीकी के नए साधन विकसित होने से प्रचार-प्रसार के नए माध्यम भी उपलब्ध हुए हैं। इसे मद्देनजर रखते हुए राज्य सरकार की नीतियों, योजनाओं, कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के उद्देश्य से सरकार ने वेब मीडिया नियमावली 2021 का गठन किया है। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा गठित वेब मीडिया नियमावली को मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में स्वीकृति दी गई। नियमावली गठन के साथ ही वेब पोर्टल को सरकारी विज्ञापन प्राप्त होने का रास्ता साफ हो गया है।

वेब पोर्टल का दो वर्ष से अस्तित्व में होना जरूरी

नई गठित नियमावली के मुताबिक राज्य के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में वैसे ही वेब पोर्टल सूचीबद्ध किए जाएंगे जो कम से कम दो वर्ष से अस्तित्व में होंगे। संबंधित वेब साइट जिनकी दर का निर्धारण भारत सरकार के डीएवीपी द्वारा किया गया हो, उसी दर पर विभाग में सूचीबद्ध करने के लिए योग्य माना जाएगा।

नियमावली में किए गए प्रविधान के मुताबिक विभाग में उन वेब साइट्स को सूचीबद्ध किया जाएगा जिनकी प्रत्येक महीने हिट्स की संख्या न्यूनतम 0.50 लाख यूनिक यूजर हिट्स होगी। जिस व्यक्ति, संस्था के नाम पर डोमिन नाम निबंधित होगा उस व्यक्ति या संस्थान के प्रधान का आचरण प्रमाण पत्र सूचीबद्ध किए जाने के लिए अनिवार्य रूप से जमा करना होगा।

वेब माध्यमों को यूनिक यूजर्स प्रति माह के आधार पर पांच श्रेणियों में बांटा गया है

समूह क – 50 लाख से अधिक यूनिक यूजर्स प्रतिमाह

समूह ख – 20 लाख से 50 लाख तक यूनिक यूजर्स प्रतिमाह

समूह ग – 2.5 लाख से 20 लाख तक यूनिक यूजर्स प्रतिमाह

समूह घ – 1.3 लाख से 2.5 लाख यूनिक यूजर्स प्रतिमाह

समूह ड़ – 0.5 लाख से 1.5 लाख यूनिक यूजर्स प्रतिमाह

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.