BIHARBreaking NewsMUZAFFARPURSTATE

मुजफ्फरपुर में बारिश का असर : इस बार लीची को नहीं मिल सका मौसम का साथ हवा में नमी अधिक होने से फल में लग गए कीड़े

इस बार लगातार हो रही बारिश के कारण प्रसिद्ध शाही लीची काे तैयार हाेने में अधिक वक्त लगे। इस बीच पूरी तरह पकने के पहले ही फल बागाें में गिर गए। एसे में जाे फल स्थानीय बाजार में आए उनमें न ताे स्वाद था और कीड़े भी लगे हुए थे। दूसरी तरफ जिनके पास अब लीची बची है वे मनमानी कीमत पर बेच रहे हैं। ऐसे में बाजार में लीची 140 से 160 रुपए प्रति सैकड़ा बिक रही है।

जानकाराें का कहना है कि लगातार हो रही बारिश और हवा में नमी अधिक हाेने के कारण फल में कीड़े लग गए। किसान-व्यापारियाें काे एक ताे माैसम का साथ नहीं मिला, दूसरी तरफ लाॅकडाउन काे लेकर भी परेशानी झेलनी पड़ी है। इसका असर लीची के रेट पर भी पड़ा है। लीची किसानाें का कहना है कि लॉकडाउन के साथ ऐन माैके पर लगातार बारिश ने उन्हें काफी नुकसान पहुंचाया है।

अन्य वर्ष 20 मई तक तैयार हाेनेवाली शाही लीची इस वर्ष 25 मई तक भी परिपक्व नहीं हाे सकी। सामान्य रूप से तैयार हाेने के 6 दिन बाद भी बागानों में झड़ने भी लगी। ऐसे में अब तक लीची मापदंड के अनुसार मीठी नहीं हुई है और वजन भी 4-6 ग्राम कम है। इस बीच लॉकडाउन के कारण व्यापारी नहीं आए और बागाें में उनकी लीची नहीं बिकी। बारिश के कारण ताेड़ाई-ढुलाई में काफी परेशानी हुई।

यास चक्रवात के डर से आनन-फानन में तुड़ाई करा ली गई लीची भी ठीक से बाजाराें व लाेगाें तक नहीं पहुंच सकी। लीची उत्पादक संघ के अध्यक्ष बच्चा प्रसाद सिंह ने बताया कि शाही लीची के मुख्य सीजन में पार्सल वैन खाली जा रही थी। अब उसके खत्म हो जाने से किसान और व्यापारी समय से पहले ही चायना लीची तोड़ कर भेज रहे हैं। कुछ किसानाें के पास शाही लीची बची भी है ताे वे मनमानी कीमत पर बेच रहे हैं।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.