मुजफ्फरपुर. यास चक्रवात के कारण बे मौसम हुई बारिश मुजफ्फरपुर के मक्का किसानों पर आफत बनकर टूटी है. इस बारिश में मक्के की तैयार फसल बर्बाद हो गयी है जिससे जिले के किसानों को करोड़ों का नुकसान हुआ है. जिले के बोचहां, मीनापुर, गायघाट, बांदरा और कटरा प्रखंडों के सीमाक्षेत्र में एक विशाल मक्का बेल्ट है जहां करीब पचास पंचायत के दो सौ से ज्यादा गांवों में मक्का की खेती होती है. यह मक्का बेल्ट करीब 18 हजार हेक्टेयर में फैला है, जहां इलाके के हजारों किसान परिवार मक्का की खेती लगन और मेहनत के साथ करते हैं.
महज 50 फीसदी ही हुई थी फसल की कटाईअच्छी उपज हुई तो एक हेक्टेयर में लगभग 88 क्विंटल मक्का का उत्पादन होता है. कुल मिलाकर 88 गुने 18 हजार यानी मौसम ठीक रहते हुए किसानों नें करीब पचास प्रतिशत मक्के की कटाई कर ली थी लेकिन आधी तैयार फसल अभी भी खेतों में पड़े हुए हैं जिसे यास की बारिश और तेज हवा नें तहस नहस कर दिया है. इसे बचाने के लिए किसान कटाई के बदले खेतों में खड़े पौधे से बाल निकाल रहे हैं. बोचहां के किसान सुरेश मंडल बताते हैं कि पानी में भींग जाने की वजह से दाने काले पड़ रहे हैं. जिसकी अच्छी कीमत बाजार में नही मिलेगी.
बारिश से ज्यादा नुकसान
दूसरे किसान लक्ष्मण मंडल का कहना है कि लागत निकालने के लिए किसान पानी में डूबे फसल को पानी से निकालने की कवायद कर रहे हैं लेकिन बार-बार बारिश होने के कारण इसमें भी काफी दिक्कत हो रही है. उधर किसानों नें जो मक्का काटकर उसकी बाली और दाने निकाल लिए थे वो भी बारिश में भींग गये हैं. आम तौर पर मक्के की बाली की अधिक मात्रा के कारण किसान इसे खुले में रखते हैं जो दो दिनों की लगातार बारिश में भींग गये. इन भींगे दानों को सुखाने के लिए इलाके से गुजरने वाली सड़कों पर पसारा जा रहा है लेकिन इसे बचाने में भी किसानों के पसीने छूट रहे हैं क्योंकि अक्सर हल्की बारिश हो जाती है.
अधिकारी बोले
बांदरा के किसान ब्रजकिशोर राय, सुरेन्द्र राय, नागा राय अपनी बात कहते कहते दुखी हो जाते हैं कि जो आधी फसल खेतों से निकाल कर लाए थे उसे भी बारिश भींगा कर खराब करा देता है. भीगे मक्के को सूखने के लिए सड़क पर बिछाया जाता है और बारिश आने पर उसे बार बार समेटना पड़ता है. किसान अब सरकार से राहत की उम्मीद लगाए बैठे है. जिला कृषि पदाधिकारी चंद्रशेखर सिंह ने कहा है कि क्षति का आकलन कराया जा रहा है और इसकी रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी.




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