लॉकडाउन में बीते दो दिनों से लगातार हो रही झमाझम बारिश ने शहर के आम जनजीवन को भले ही अस्त-व्यस्त कर दिया है, लेकिन इस दौरान प्रदूषण स्तर में रिकॉर्ड कमी भी दर्ज हुई है। काेराेना सं’क्रमण के कारण लॉकडाउन के बीच यह राहत की खबर है। प्रदूषण स्तर कम हाेने का दूसरा बड़ा कारण लॉकडाउन के कारण निहायत ही कम वाहनों का चलना भी है। इससे धुआं कम हुआ है। इस तरह शुक्रवार की शाम एक्यूआई पहली बार 22 दर्ज किया गया। प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के अनुसार यह सबसे कम प्रदूषण का स्तर है। अभी शहर की हवा मैसूर और गुवाहाटी से भी ज्यादा स्वच्छ है।
शुक्रवार काे सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अनुसार गुवाहाटी का एयर क्वालिटी इंडेक्स भी 49 रहा। यहां मुजफ्फरपुर में सूक्ष्म धूल कण पीएम 2.5 तो पूरी तरह से बारिश में धुल ही गया। पीएम 2.5 का औसत एक्यूआई 22 और अधिकतम मात्र 35 रहा। कुल मिला कर पूरे दिन हवा में सूक्ष्म धूल कण की मात्रा स्वच्छ श्रेणी 0 से 50 के बीच ही रहा। न्यूनतम एक्यूआई सिर्फ 13 आंकी गई। एयर क्वालिटी का यह आंकड़ा न तो इस साल लॉकडाउन
में ऐसा रहा और न ही पिछले साल या कभी और। प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के क्षेत्रीय पदाधिकारी शैन कुमार ने कहा कि शहर में प्रदूषण के लिए वाहनों से निकलने वाले धुएं, ट्रैफिक जाम, नालों से निकली गंदगी का धूल कण बन कर उड़ना और निर्माण कार्य मुख्य कारक हैं। लॉकडाउन होने से 70 प्रतिशत तक इसमें कमी आई।
ऐसा रहा शहर का एक्यूआई स्तर
दिसंबर 2020 : 426 खतरनाक
मार्च 2021 : 200-250 खराब
अप्रैल 2021 : 140-150 मॉडरेट
10 मई 2021 : 46 स्वच्छ
27 मई 2021 : 62 संतोषजनक
28 मई 2021 : 22 स्वच्छ





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