वर्दी पुलिस की पहचान होती है, उसकी शान होती है। लेकिन अगर कोई पदाधिकारी कोरोना काल में मास्क-हेलमेट लगा सिविल ड्रेस में बाइक से निकल जाए तो आम पब्लिक क्या, खुद पुलिसवाले भी नही पहचान सकते। ऐसा होते आपने फिल्म ‘गंगाजल’ में देखा होगा।
अब ऐसा ही एक और वाकया भागलपुर में उस समय हुआ, जब बुधवार की शाम बारिश कम होते ही सिविल ड्रेस में सिटी SP IPS पूरन झा एक पुलिसकर्मी को पीछे बैठा खुद बाइक चलाते हुए शहर में निकल पड़े।
उनका उद्देश्य लॉकडाउन का पालन करवाने में लगे पुलिसकर्मियों को देखना था। हालांकि, इस दौरान SP ने आराम फरमा रहे कॉन्सटेबल को ड्यूटी सिखाई और हुड़दंग कर रहे लड़कों की बदतमीजी पर पिस्टल निकाल अपना परिचय दिया।
पहले शेड के नीचे बैठे पुलिसकर्मियों को अपना परिचय दिया
मनाली चौक पर सबसे पहले उनकी नजर ड्यूटी में सुस्त पड़े जवान पर पड़ी। वहां एक महिला कांस्टेबल के साथ एक जवान सड़क किनारे बने शेड के नीचे बैठा था। जब उन्होंने उस पुलिसकर्मी से पूछा कि यही ड्यूटी कर रहे हो, तो उसने भी अनमने ढंग से जवाब दिया। इसे सुन पूरन झा तिलमिला उठे और भड़ककर कहने लगे- पता है तुम किससे बात कर रहे हो? तुम मुझे नहीं पहचानते हो? मैं हूं सिटी SP पूरण झा।
पूरण झा नाम सुनते ही पुलिसकर्मी के हाथ पांव फूलने लगे। वो अब परेशान होकर लगातार सैल्यूट ठोकने लगा। सिटी SP ने उस पुलिसकर्मी से नेम प्लेट और स्टार के बारे में पूछते हुए कहा कि वर्दी पहनने में शर्म आती है? वर्दी के पैसे नहीं मिलते हैं?
फिर वहां मौजूद महिला कांस्टेबल की क्लास लगाई। कहा कि नौकरी कर रही हो या मोबाइल चला रही हो? दोनों जवानों को फटकार लगाते हुए वे आगे बढ़ गए।
फिर, हुड़दंग मचाते लड़कों को सबक सिखाया
इसके बाद वो बरारी थाना क्षेत्र के मायागंज मोहल्ला पहुंचे जहां कुछ लड़के हुड़दंग मचा रहे थे। इसे देख सिटी SP ने उन्हें सरकार द्वारा लागू कोविड-19 प्रोटोकॉल समझाने का प्रयास किया। लड़कों को यह अच्छा नहीं लगा और सिविल ड्रेस में पहुंचे अधिकारी से बद्तमीजी करने लगे। जब स्थिति गंभीर होने लगी तब पूरन झा को मजबूरन हाथ में पिस्टल निकाल एक बार फिर अपना परिचय देना पड़ा। तब जाकर सभी लड़के वहां से भागे।





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