पटना. कोरोना संक्रमण के इस दौर में बिहार सरकार की काफी फजीहत हो चुकी है. कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह बात सामने आ चुकी है कि सरकार के दावों और जमीनी हकीकत में जमीन-आसमान का अंतर है. कई बार तो ऐसा भी होता है कि वर्तमान स्वास्थ्य व्यवस्था की नाकामियों को उजागर करते हुए लोग प्रदेश के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री चंद्र मोहन राय की बात करने लग जाते हैं. यह इसलिए कि वर्ष जब 2005 में सीएम नीतीश ने लालू-राबड़ी शासनकाल के बाद सत्ता संभाली थी तो कानून-व्यवस्था के साथ ही प्रदेश के हेल्थ सिस्टम को सुधारने पर सबसे अधिक फोकस किया गया था. तब गांव-गांव में पीएचसी खुले और हर जगह स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्तियां की गईं. हालांकि बाद के दौर में मंत्री बदले तो व्यवस्था भी बदलती गई और कई बार सरकार की नाकामियां अधिक नजर आईं और सुर्खियां बटोरती रहीं. अब सीएम नीतीश कुमार के एक दोस्त का लिखा वह पत्र चर्चा में जिसमें उन्होंने अपने मुख्यमंत्री मित्र से अपने गांव के स्वास्थ्य केंद्र खुलनाने की अपील कर रहे हैं.
बता दें कि सहरसा के मैना गांव में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र वर्षों से बंद पड़ा है. इससे स्वास्थ्य केंद्र पर ना तो डॉक्टर हैं, ना नर्स और नहीं दवाइयां मिलती हैं. स्वास्थ्य केंद्र खंडहर में तब्दील हो चुका है. देखरेख के अभाव में भवन की दीवारों में दरारें आने लगी है. छत का कुछ हिस्सा भी टूट चुका है.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कॉलेज साथी नरेंद्र कुमार सिंह इसी गांव के रहने वाले हैं. गांव में बंद पड़े स्वास्थ्य केंद्र को लेकर नरेंद्र कुमार सिंह ने अपने मुख्यमंत्री दोस्त से अपील की है कि उनके गांव समेत बिहार में जितने भी स्वास्थ्य केंद्र बंद पड़े हैं उन सब को शुरू करवाया जाए.


कॉलेज के साथी नरेंद्र सिंह ने सीएम नीतीश कुमार अपने गांव का हेल्थ सेंटर शुरू करवाने की अपील की.
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनके पुराने दोस्त ने पटना के इंजीनियरिंग कॉलेज से एक साथ पढ़ाई की है. जिस स्वास्थ्य केंद्र के बारे में नरेंद्र सिंह ने सीएम नीतीश को पत्र लिखा है वह स्वास्थ्य केंद्र लगभग खंडहर हो चुका है. यहां की दीवारों में दरारें हैं और छत का कई हिस्सा भी टूट चुका है.
बंद पड़े स्वास्थ्य केंद्र के कमरों में कुछ सरकारी फाइलें कुछ कागजातों के अलावे टूटी फूटी कुर्सियां और टेबल पड़े हुए हैं. यहां की हालत इतनी खराब है कि इसके परिसर में रखरखाव की कमी है और कई जगहों पर जंगली पेड़ पौधे उग आए हैं. यही वजह है कि स्वास्थ्य केंद्र को लेकर सीएम नीतीश के दोस्त ने इसे शुरू करवाने का आग्रह किया है ताकि कोरोना की तीसरी लहर में यह कारगर साबित हो सके.




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