बंगाल की खाड़ी में उठा तूफान ‘यास’ झारखंड होते हुए बिहार पहुंचेगा। बिहार में तूफान की तीव्रता समाप्त हो जाएगी। तूफान के मद्देनजर राज्य के सभी जिलों के लिए येलो अलर्ट घोषित कर दिया गया है। राज्य के दक्षिणी इलाके तूफान से ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। मुख्य रूप से झारखंड से सटे जिलों में तेज आंधी चलने के साथ जमकर बारिश हो सकती है। तूफान का असर राजधापी पटना पर भी पड़ेगा।
बिहार में 30 मई तक आंधी-बारिश व वज्रपात
पटना मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विवेक सिन्हा का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में उठा तूफान 16 किलोमीटर की गति से उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है। इस गति से यह बुधवार को ओडिशा के समुद्र तट से टकराएगा। समुद्र तट से टकराने के समय तूफान काफी प्रचंड रूप में होगा। इसका व्यापक असर ओडिशा पर पड़ने के आसार हैं। बिहार पहुंचने पर हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे हो जाएगी। तूफान के कारण बिहार में मेघ गर्जना, वज्रपात एवं भारी बारिश हो सकती है। इस तरह की स्थिति 30 मई तक बनी रह सकती है।
तूफान की आहट के साथ बदल गया मौसम
इस बीच तूफान की आहट के साथ पहले ही राज्य का मौसम पूरी तरह से बदल चुका है। मंगलवार को सुबह से शाम तक आकाश में घने बादल छाए रहे। इस कारण तापमान काफी कम रहा है। राज्य के कई जिलों में हल्की व मध्यम दर्जे की बारिश हुई। मुंगेर में 50 मिलीमीटर, बिहपुर में 40 एवं सबौर में 30 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई। मंगलवार को राजधानी पटना में अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। बुधवार को इसमें और गिरावट आने की संभावना है। पिछले 24 घंटे में राजधानी के तापमान में छह डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है।
पटना में भी भारी आंधी-बारिश की आशंका
पटना की बात करें तो यहां भी भारी आंधी-बारिश के साथ वज्रपात की आशंका है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार पटना में तेज हवा के साथ 80 एमएम से 120 एमएम तक बारिश होने की आशंका है। आंधी के कारण विद्युत आपूर्ति भी बाधित हो सकती है। इसे देखते हुए जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट कर दिया है। खासकर अस्पतालों को बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था तथा ऑक्सीजन रखने को कहा है, ताकि मरीजों को परेशानी न हो।




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