कोरोना संक्रमण की रफ्तार धीमी हुई है। सरकारी से लेकर निजी अस्पतालों तक मरीजों का ग्राफ कम हुआ है। अब आधे से कम बेड पर मरीज भर्ती हो रहे हैं। सोमवार को निजी अस्पताल में एक भी मौ’त नहीं हुई। केवल एसकेएमसीएच में सात लोगों की मौ’त हुई है। जिले में 4285 की कोरोना जांच हुई जिसमें से 67 संक्र’मित मिले। इलाज के क्रम में 355 स्वस्थ हो गए। अब 1873 सक्रिय मरीज हैं।
हर अस्पताल में गिर रहा मरीज का ग्राफ
मां जानकी अस्पताल के संचालक वरीय चिकित्सक धीरेंद्र प्रसाद ङ्क्षसह ने कहा कि लॉकडाउन का व्यापक असर हुआ है। अब मरीज कम आ रहे हैं। श्री अस्पताल के संचालक डॉ.एके दास ने कहा कि अब मरीज कम आ रहे हैं। मेडिको इमरजेंसी अस्पताल के संचालक डॉ.मानस रंजन देव ने बताया कि पहले 20 बेड की व्यवस्था थी, मरीज की संख्या घटने से अब 12 बेड ही रखे हुए हैं। कोरोना की चेन टूट रही है। आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि लॉकडाउन के नियम का पालन करेंगे तो कोरोना के केस कम हो जाएंगे। सिविल सर्जन डॉ.एसके चौधरी ने बताया कि सरकारी से लेकर निजी अस्पताल हर जगह पर सख्त निगरानी की जा रही है। कोरोना संक्रमण की रफ्तार जिले में कम हुई है।





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