कोरोना की तीसरी लहर को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है। राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार ने सिविल सर्जन को पत्र देकर निर्देश दिया है कि वह जिले में बने एसएनसीयू में नवजात शिशु को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराएं। इसके साथ ही एसकेएमसीएच, सदर अस्पताल व पीएचसी स्तर पर भी शिशु वार्ड को तैयार रखा जाए। सीएस डॉ.एसके चौधरी ने बताया कि सभी पीएचसी व सीएचसी प्रभारी को अलर्ट गया है कि अगर उनके यहां गंभीर रूप से बीमार दो साल से अधिक उम्र का बच्चा आता है तो उसे तुरंत सदर अस्पताल में रेफर कर दें। कंटेनमेंट जोन में बीमार नवजात शिशुओं को निकटतम एसएनसीयू में भर्ती कर उसका इलाज होगा। एसएनसीयू व शिशु वार्ड के प्रवेश द्वार के पास ट्राईजिंग के लिए एक रेडिएंट वार्मर होगा। संदिग्ध कोरोना मरीज के लिए स्टेप डाउन फैमिली पार्टिसिपेटरी केयर कैमरे को दो रेडिएंट वार्मर के साथ तैयार रखा जाएगा। कोरोना पीडि़त नवजात को स्थिरीकरण के बाद उसको एसकेएमसीएच रेफर किया जाएगा। सीएस ने कहा कि जो संकेत मिल रहे हैं, उसके हिसाब से इस बार बच्चों पर कोरोना का असर ज्यादा दिखेगा।





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