भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष सांसद अजय निषाद ने कहा कि कोरोना महामारी में इलाज के नाम पर कुछ लोग निजी अस्पताल के नाम पर दुकान चल रहे हैं। जहां न डाक्टर हैं, न सही तरह से नर्सिंग सुविधा, उसके बाद भी लूट का खेल चल रहा है। इसपर प्रशासन नकेल कसे। प्राथमिकी दर्ज की जाए। सांसद ने कहा कि पिछले दिनों निजी अस्पताल की जांच हुई तो जानकारी मिली कि बिना चिकित्सक व प्रोटोकॉल के अस्पताल का संचालन हो रहा है। उसके बाद भी वह अस्पताल बंद नहीं हुआ। उन्होंने जिलाधिकारी व एसएसपी से विशेष टीम गठित कर एक सप्ताह के अंदर जिला मुख्यालय से लेकर प्रखंड तक के निजी नर्सिंग होम की जांच कराने की मांग की। कहा कि बिहार सरकार की ओर से श्रेणीवार अस्पताल के लिए जब इलाज का शुल्क, अस्पताल का मानक तय है उसके बावजूद बिना मानक के अस्पताल क्यों चल रहे हैं। इस मुद्दे पर यदि जरूरत पड़ी तो सड़क से सदन तक हर जगह वह इसका विरोध करेंगे।
प्रशासन के समक्ष रखी ये मांगें
– जिले में संचालित निजी नर्सिंग होम की सूची सार्वजनिक हो। किस अस्पताल में कौन चिकित्सक, उनका नाम व मोबाइल नंबर, योग्यता सहित वेबसाइट पर रहे।
– सरकार से निबंधित अस्पताल में इलाज की फीस तय हो। 24 घंटे के बेड, ऑक्सीजन, नन ऑक्सीजन, वेंटीलेटर, चिकित्सक का चार्ज अस्पताल के बाहर प्रदर्शित हो।
– सकरा बीडीओ अपने स्तर से जांच अभियान चला रहे हैं उनको सिविल सर्जन का सहयोग मिले तथा यह जांच मॉडल पूरे जिले में लागू हो।
– निजी नर्सिंग होम में इलाज संबंधी शिकायत के लिए एक हेल्प लाइन नंबर जारी हो, उस पर आई शिकायत की प्रतिदिन सीएस स्तर पर, सप्ताह में एक दिन डीएम स्तर पर समीक्षा हो तथा उसके परिणाम को भी जिला की वेबसाइट पर अपलोड किया जाए।





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