CBSE ने इंटरनल परीक्षा को लेकर स्कूलों के लिए गाइडलाइन जारी करते हुए उनके सवालों का जवाब दिया है। बोर्ड ने स्कूलों से बड़ा सवाल यह किया है कि इंटरनल एग्जाम नहीं देने वाले स्टूडेंट्स का क्या होगा, इस स्कूलों का एक सीधा सा जवाब था ऑफलाइन-ऑनलाइन या फिर फोन से ही कॉल कर एग्जाम ले लिया जाएगा। दसवीं के रिजल्ट को लेकर CBSE ने स्कूलों को कई सवालों का जवाब भी भेजा है।
बोर्ड ने दिए हैं स्कूलों के सवालों के 57 जवाब
इंटरनल परीक्षा नहीं देने वाले छात्रों को लेकर कई सवाल और जवाब हुआ है। CBSE ने दसवीं एग्जाम के रिजल्ट को लेकर सोमवार देर शाम सभी स्कूलों को नई गाइडलाइन दी है। इस दौरान बोर्ड ने स्कूलों के 57 सवालों का जवाब दिया है। पिछली ऑनलाइन बैठकों में स्कूलों ने कई सवाल बोर्ड से परीक्षा और रिजल्ट से जुड़े हुए किये थे, अब इन सभी सवालों का जवाब बोर्ड की तरफ से दे दिया गया है।
इंटरनल परीक्षा नहीं देने वालों के लिए व्यवस्था
CBSE से स्कूलों ने पिछली ऑनलाइन बैठक में सवाल किया था कि कोरोना और लॉकडाउन में जिन छात्रों ने इंटरनल एग्जाम नहीं दिए हैं उनका रिजल्ट कैसे तैयार किया जाएगा। ऐसे सवालों के जवाब में CBSE ने कहा कि स्कूल ऐसे स्टूडेंट्स का ऑनलाइन या ऑफलाइन या फोन पर परीक्षा ले सकता है। बस शर्त यही है कि इस एग्जाम का का सारा रिकार्ड स्कूल को अपने पास ही रखना होगा क्योंकि इसकी बोर्ड जांच करेगी।
CBSE देगा स्कूलों को ऑनलाइन सिस्टम
CBSE ने कहा कि बोर्ड स्कूलों को एक ऑनलाइन सिस्टम देगा जिस पर अंकों की जांच की जाएगी। स्कूलों ने बोर्ड से पूछा था कि अगर गार्जिसंय कापी देखना चाहें तो क्या उन्हें दिखा सकते हैं? CBSE ने इस पर मनाही कर दी है। बोर्ड ने कहा कि रिजल्ट कमेटी में एक शिक्षक गणित के, एक सोशल साइंस के, एक साइंस के और दो भाषाओं के होंगे। दो शिक्षकों को दूसरे स्कूलों से लिया जायेगा. प्राचार्य कमेटी के अध्यक्ष होंगे. सारे शिक्षक दसवीं के ही होने चाहिए. दो स्कूलों के शिक्षक आपस में बदले भी नहीं जाएंगे।





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